MP Mantralaya Burning News: पांच घंटे तक दिल्ली—भोपाल में मचा हड़कंप

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MP Mantralaya Burning News: विधानसभा चुनाव पूर्व सतपुड़ा भवन सुलगा था अब लोकसभा से पहले वल्लभ भवन की तीन मंजिल आग की लपटों में आई, नेता प्रतिपक्ष का आरोप अट्ठारह साल के भ्रष्टाचार को उजागर करने से बचना चाहती है मोहन यादव सरकार, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का दावा सरकारी आग

MP Mantralaya Burning News
आगजनी के बाद गहमागहमी को दिखाता चित्र।

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के अरेरा हिल्स पर स्थित वल्लभ भवन (MP Mantralaya Burning News) की तीसरी मंजिल पर भीषण आग लग गई। आग लगने की वजह अभी तक साफ नहीं हो सकी हैं। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने आधिकारिक वीडियो बयान जारी करके बताया है कि वे मामले की जांच के आदेश सीएस को दे चुके हैं। आग पर फिलहाल पांच घंटे की अथक मशक्कत के बाद काबू पा लिया गया है। इधर, आग को लेकर प्रदेश में राजनीति भी शुरु हो गई हैं। वल्लभ भवन में जब आग को नियंत्रित किया जा रहा था तब नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी पहुंचे। वे दोनों उस हिस्से में जाना चाहते थे जहां आग लगी हुई थी। लेकिन, पुलिस से हुई धक्का—मुक्की के बाद दोनों नेता वहां धरने पर बैठ गए।

कांग्रेस के बाद भाजपा के विधायक भी मौके पर पहुंचे

मौके पर पहुंचते ही कांग्रेस के पूर्व विधायक और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jeetu Patwari) ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह सरकारी आग हैं। यह भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए लगाई गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जहां आग लगी वहां वंचित, दलितों, कोविड और खाद्यान वितरण में हुए भ्रष्टाचार की फाइलें रखी हुई थीं। जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि थ्री सी वाले मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) सच दुनिया के सामने आना नहीं देना चाहते। लेकिन, प्रदेश की जनता आग की लपटों से निकले धुंए को देख रही है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्याकाल में अनुदान की मंजूरी से जुड़े दस्तावेज जले हैं। यह दस्तावेज बाहर आते तो डॉक्टर मोहन यादव सरकार संकट में आ जाती। दोनों नेता काफी देर तक मंत्रालय के पास धरने पर बैठे रहे। जब आग नियंत्रित हो गई तो दोनों नेता अपने वाहनों से वापस लौट गए। वे जब जा रहे थे तभी वहां भाजपा भोपाल दक्षिण पश्चिम के विधायक भगवान दास सबनानी (Bhagwan Das Sabnani) आ गए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास राजनीति के लिए कोई विषय नहीं हैं। इसलिए वह आग पर राजनीति कर रही है।

आतंकी हमलों जैसा दिखने लगा नजारा

इस मामले में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की तरफ से कोई प्रतिक्रिया मीडिया को नहीं दी गई। हालांकि आग बुझाने के लिए भोपाल विमानपत्तन प्राधिकरण के अधिकारी, सेना के एक दर्जन वाहनों में सवार जवान, भेल, एचईजी, पुलिस दमकल के अलावा नगर निगम के करीब 100 से अधिक टैंकरों में पानी लाकर उसे बुझाया गया। आलम यह था कि पानी कम पड़ने पर सांची दुग्ध सप्लाई करने वाले टैंकर को लाकर भेल प्लांट से पानी लोड करके निगम के हाइड्रोलिंक टैंकर के जरिए आग बुझाने में लगाया गया। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। वहां पुलिस और प्रशासन की तैयारियों और हलचल को देखते हुए ऐसा अहसास हो रहा था कि वहां किसी आतंकी गतिविधि को अंजाम दिया गया है। सेना के कई वाहनों के एक—एक करके प्रवेश करने और आग बुझाने के लिए वाहन आते रहे। आग बुझने के बाद निगम के दर्जनों सफाई कर्मचारियों को भी तुरंत बुला लिया गया था।

सतपुड़ा और वल्लभ भवन में हो सकता है कनेक्शन

वल्लभ भवन (Vallabh Bhawan) में शनिवार होने के कारण ज्यादा कर्मचारी वहां नहीं थे। ड्यूटी पर आउटसोर्स कंपनी के कर्मचारी जरुर सेवाएं दे रहे थे। इनमें से एक लखन राठौरिया (Lakhan Rathoriya) था जो नहीं मिल रहा था। उसको तलाशते हुए वल्लभ भवन (MP Mantralaya Burning News) में उसका भाई प्रमोद राठौरिया (Pramod Rathoriya) भी पहुंचा था। उसने बताया कि भाई का कॉल लगभग दस बजे आया था। वह उस वक्त तस्वीर मांग रहा था। उसके बाद आग लगने की जानकारी मिलने पर फोन लगाया तो कोई अधिकारी फोन उठा रहा था। लेकिन, वह कहां है किस हालत में हैं यह हमें नहीं पता चल सका है। खबर यह भी है कि मंत्रालय के सरकारी वाहन से घायलों को हमीदिया अस्पताल (Hamidia Hospital) ले जाया गया है। हालांकि जनहानि और नुकसान को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। मीडिया से वल्लभ भवन में तैनात सुरक्षा अधिकारी, प्रोटोकॉल अधिकारी के अलावा कलेक्टर—कमिश्नर नजरें बचाते नजर आए। बहरहाल मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव की लगभग 50 मिनट की वीडियो बाईट चलने के बाद अफसरों ने भी चुप्पी साध ली है। मुख्यमंत्री ने दस्तावेजों को बचाने के उपाय के संबंध में बयान दिए हैं। जबकि आगजनी में हुए नुकसान और उसकी जानकारी को लेकर स्थिति साफ नहीं की है। उल्लेखनीय है कि 12 जून, 2023 को सतपुड़ा भवन में भी भीषण आग लगी थी। उस आग को बुझाने के लिए भारतीय सेना के हेलीकॉप्टर की मदद ली गई थी। जहां आग लगी थी वहां निजी मेडिकल कॉलेज से संबंधित विषयों की फाइल थी। शनिवार को पुराने मंत्रालय में लगी आग भी वहां लगी है जहां सीएम कार्यालय की तरफ से स्वेच्छानुदान राशि स्वीकृत की जाती थी। यह रकम अधिकांश निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों से जुड़ी है। हालांकि यह बातें मंत्रालयीन कर्मचारियों से हुई बातचीत में पता चल सका है। सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नुकसान को लेकर जारी नहीं हुआ है।

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