मध्यप्रदेश : पीएम आवास योजना में ढ़ाई करोड़ का घोटाला

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पूर्व अध्यक्ष, पति, तत्कालीन सीएमओ, उपयंत्री समेत 7 आरोपी

PM Awas Scam
नगर परिषद पवई कार्यालय, फाइल फोटो

पन्ना। (Panna) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) में बड़ा घोटाला (Panna Scam) सामने आया है। यहां गरीबों का घरौंदा बसाने के लिए दी जाने वाली राशि की बंदरबांट कर दी गई। पवई (Pawai) नगर परिषद में 2 करोड़ 47 लाख रुपए के आवंटन में अनिमितता उजागर हुई है। मामले में नगर परिषद अध्यक्ष, उनके पति, तत्कालीन सीएमओ, उपयंत्री समेत 7 लोगों को आरोपी बनाया गया है। यानि जिनके हाथों में जिम्मेदारी थी, वहीं गड़बड़ी कर रहे थे।

कलेक्टर ने कराई जांच

पीएम आवास की राशि में गड़बड़ी की तमाम शिकायतों के मद्देनजर कलेक्टर पन्ना ने चार सदस्यीय टीम को जांच के आदेश दिए थे। जांच रिपोर्ट के आधार पर पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष पवई किरण बागरी, अध्यक्ष पति बृजपाल बागरी उर्फ़ भोलू, तत्कालीन सीएमओ विजय रैकवार, उपयंत्री विक्रम बागरी समेत सात लोगों के विरुद्ध जालसाजी, गबन और भ्रष्टाचार की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

अपात्रों को बांटी राशि

जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिसके मुताबिक वर्ष 2018-19 में प्रधानमंत्री आवास योजना के 774 हितग्राहियों की कलेक्टर पन्ना द्वारा स्वीकृत सूची में शामिल 139 पात्र हितग्राहियों के नाम हटाकर इतने ही अपात्रों के नाम जोड़े गए। कूटरचित दस्तावेजों में हेराफेरी कर अपात्र हितग्राहियों के खातों में आवास की राशि दो-दो लाख रुपए डाल दिए गए। जांच में कमेटी ने पाया कि 9 हितग्राही ऐसे भी हैं जिनके मकान पूर्व से निर्मित हैं।

2 दिसंबर को दर्ज हुई एफआईआर

मामले में 2 दिसंबर को पवई थाने में नगर पंचायत की पूर्व अध्यक्ष किरण बागरी, पति बृजपाल बागरी, तत्कालीन सीएमओ विजय रैकवार, उपयंत्री विक्रम बागरी, कर्मचारी सच्चिदानंद पटेल, बलराम पटेल और नीलेश विश्वकर्मा के खिलाफ धारा 420, 467, 471, 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। विजय रैकवार वर्तमान में सतना जिले के न्यू रामनगर नगर परिषद में पदस्थ है।

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भाजपा को उम्मीद

मीडियो रिपोर्ट्स के मुताबिक किरण बागरी कांग्रेस पार्टी की है। उनका परिवार 20 साल से नगर परिषद अध्यक्ष के पद पर आसीन रहा है। इतने बड़े घोटाले में बागरी परिवार के सदस्यों के नाम आने के बाद भाजपा के खेमे में उम्मीद जागी है। आगामी नगर परिषद के चुनाव में इस मुद्दे को भुनाया जा सकता है।

जानकारी देने में दिक्कत

संबंधित मामले में पवई थाने से जानकारी नहीं मिल सकी। मुंशी ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। जिसके बाद द क्राइम इन्फो ने टीआई सुदामा प्रसाद शुक्ला से बात की तो उन्होंने मामले की जानकारी नहीं दी। जिसके बाद एसडीओपी रक्षपाल सिंह यादव ने जानकारी दी।

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