MP Political News: भाजपा और कांग्रेस में यह है सबसे बड़ा अंतर

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MP Political News: विषय को समझने और अपने नेता की बोली बात ही नहीं रहती याद, घोषणा के चौबीस घंटे बाद एमपी की राजनीति में राहुल गांधी के मुद्दे की एंट्री, मुखर होकर मोर्चा संभालने उतरा एनएसयूआई विंग, गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दी थी इस बात की बधाई

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मंत्री की तस्वीर लगाकर यज्ञ ​करते हुए छात्र नेता। चित्र एनएसयूआई की तरफ से जारी।

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस की राजनीति में काफी अंतर हैंं। यह हम यूं ही नहीं कह रहे। आगे हम आपको पूरे पुख्ता प्रमाण के साथ यह बताएंगे। आपको याद होगा कि 27 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भोपाल में थे। उन्होंने सभी बूथ कार्यकर्ताओं से क्षेत्र में वाचनालय खोलने का सुझाव दिया था। जिसका अगले दिन तुरंत अमल हुआ और पंचशील नगर में उसे खोल दिया गया। अब कांग्रेस क्यों पीछे रहती है उसकी वजह जाने। दो दिन पहले एमपी सरकार (MP Political News) ने वीर सावरकार को स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल करने का फैसला लिया था। वीर सावरकर को लेकर राहुल गांधी अच्छी राय नहीं रखते हैं। वे भारत जोड़ो यात्रा के दौरान सावरकर के विषय पर ही विवादों में आए थे। यह बात याद करने के लिए कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई को चौबीस घंटा लग गया।

यह बोलकर आयोजित किया गया सद्बुद्धि यज्ञ

मध्यप्रदेश में चुनावों से पहले अब विनायक दामोदर सावरकर (Vinayak Damodar Sawarkar) पर सियासत गरमाई है। दरअसल, राज्य सरकार स्कूली पाठ्यक्रम में वीर सावरकर को शामिल करने जा रही है। इसको लेकर कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई (NSUI) ने इसको शर्मनाक बताते हुए प्रदर्शन किया। जिसमें स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार (Inder Singh Parmar) और प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) की सद्बुद्धि के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल कार्यलय के बाहर स्थित हनुमान मन्दिर (Hanuman Mandir) में हनुमान चालीसा पाठ कर सद्बुद्धि यज्ञ किया। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर (Akshay Tomar) का आरोप है कि विनायक दामोदर सावरकर उर्फ माफी वीर सावरकर कोई स्वतंत्रा सेनानी नहीं थे। उन्होंने कोई क्रान्ति नहीं की थी। उनका राष्ट्र के स्वतंत्रता संग्राम में कोई भी योगदान नहीं था। उनको स्कूल शिक्षा पाठ्यक्रम में शामिल करना राष्ट्र के इतिहास एवं इतिहासकारों के अपमान के सामान है। एनएसयूआई महासचिव आदित्य सोनी (Aditya Soni) ने बताया कि तथाकथित वीर सावरकर को स्कूल पाठ्यक्रम का हिस्सा बनना राष्ट्र के संपूर्ण स्वतंत्रा संग्राम का अपमान है। एनएसयूआई सावरकर नामक ज़हर को प्रदेश के स्कुली शिक्षा छात्रों के व्यक्तिव में नहीं झलकने देगी। यदि निर्णय को वापस नहीं लेते है तो प्रदेश स्तर पर शिक्षा मंत्री के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।

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