Bhopal News: भोपाल जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की अध्यक्ष और बेटे के मामले में दर्ज एफआईआर में हुई भारी तकनीकी चूक,तलाशी की आड़ में पुलिस ने अपनी गलतियों को सुधारने काम शुरु किया,पुलिस कमिश्नर, डीसीपी, कटारा हिल्स थाने के बाद अब मुख्यमंत्री निवास पहुंचा भारतीय सेना में पदस्थत मेजर का परिवार

भोपाल। राजधानी में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग (District Consumer Disputes Redressal Commission) की अध्यक्ष और पूर्व डीजे गिरिबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा का शव भोपाल एम्स अस्पताल की मॉर्चुरी रुम में पिछले पांच दिनों से रखा हुआ है। परिजन भोपाल पुलिस (Bhopal News) की जांच से असंतुष्ट है और वे उसका दिल्ली एम्स (Delhi AIIMS) में दोबारा पीएम कराना चाहते हैं। इधर, ट्विशा की खुदकुशी मामले में दर्ज हुई एफआईआर में बहुत बड़ी तकनीकी चूक निकलकर सामने आई है। जिस कारण भोपाल पुलिस की कार्रवाई विवादित होती नजर आ रही है। वहीं परिवार ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए धरना दिया।
यह हुई बड़ी तकनीकि चूक
जानकारी के अनुसार खुदकुशी करने वाली नव विवाहिता के मेजर भाई हर्षित शर्मा, पिता नवनिधि शर्मा समेत अन्य परिचित 17 मई की दोपहर साढ़े बारह बजे मुख्यमंत्री निवास (CM House) के समक्ष तख्तियां लेकर पहुंच गए थे। जिस कारण श्यामला हिल्स (Shyamla Hills) थाना प्रभारी नीलम पटवा (TI Neelam Patwa) समेत कई अन्य पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को इस तरह से आकर प्रदर्शन करने पर फटकारना शुरु किया। हालांकि मीडिया ने कवरेज शुरु किया तो पुलिस तटस्थ हुई और सीएम हाउस के अधिकारियों से परिजनों की शाम पांच बजे मुलाकात कराई। ट्विशा की खुदकुशी मामले में पुलिस ने 15 मई की दोपहर प्रकरण दर्ज किया है। यह प्रकरण एसीपी मिसरोद रजनीश कश्यप कौल (ACP Rajnish Kashyap Kaul) की रिपोर्ट के आधार पर दर्ज किया गया। यह एफआईआर दर्ज करने में तकनीकी चूक की गई है। दरअसल, भारतीय दंड संहिता की धारा 154 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। जबकि यह धारा समाप्त हुए ही दो साल हो चुके हैं। अब भारतीय न्याय संहिता की धारा 173 के तहत प्रकरण दर्ज किया जाता है। इसलिए इस चूक पर बहस होकर मामले में नाटकीय मोड़ आने की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता। यह पता चलने पर पुलिस अधिकारियों ने 16 मई को विशेष जांच दल गठित करके फिर से जांच के नाम पर चूक को सुधारने का काम किया जा रहा है। जिसके लिए 16 मई की शाम बागसेवनिया और कटारा हिल्स थाने की संयुक्त टीम एसीपी रजनीश कश्यप कौल के नेतृत्व में पहुंची। यहां कटारा हिल्स स्थित बागमुगालिया एक्सटेंशन में स्थित बंगले पर जाकर पुलिस ने तीन कमरों को सील करने के अलावा घटना स्थल का दोबारा निरीक्षण किया। इसके अलावा ट्विशा का मोबाइल (Mobile) भी जांच के लिए जब्त किया गया।
अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई आज

कटारा हिल्स (Katara Hills) थाने में शुक्रवार को दर्ज हुए प्रकरण के बाद गिरिबाला सिंह (Giribala Singh) की तरफ से अग्रिम जमानत याचिका लगाई गई थी। जिसको लेकर न्यायाधीश पल्लवी त्रिवेदी की अदालत में सुनवाई चली। यहां गिरिबाला सिंह की उम्र और पूर्व के कार्यकाल में निर्विवाद छवि को देखते हुए उन्हें जमानत दे दी गई। जबकि बेटे की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए 18 मई का दिन तय किया गया था। समर्थ सिंह (Samarth Singh) की जमानत खारिज हो इसके लिए भी परिवार कानूनी मदद ले रहा है।
यह है पूरा घटनाक्रम
- ट्विशा शर्मा की 9 दिसंबर, 2025 को डेटिंग एप के जरिए शादी
- नव विवाहिता को मार्च, 2026 से पति समर्थ सिंह परेशान करने लगा
- ट्विशा का अप्रैल, 2026 में न चाहते हुए गर्भपात कराया गया
- मायके जाने के बाद परिजनों ने 22 अप्रैल, 2026 को सुलह कराई
- पति-पत्नी के बीच 12 मई की रात दस बजे विवाद हुआ
- ट्विशा को रात 11 बजे छत पर फांसी के फंदे पर लटका पाया
- फंदे से उतारकर मां-बेटे अस्पताल लेकर पहुंचे
- ट्विशा के परिजनों ने 13 मई को पुलिस कमिश्रर के बाद कटारा हिल्स थाना घेरा
- कटारा हिल्स थाने के सामने 14 जून को मौन प्रदर्शन और धरना जारी
- एसीपी ने पीएम रिपोर्ट के आधार पर 15 जून को प्रकरण दर्ज किया
- परिवार पुलिस की जांच से अभी अभी असंतुष्ट, अंतिम संस्कार से किया इंकार
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