Bhopal News: जिला अदालत में न्यायाधीश की फटकार के बाद आरोपी महिला ने मेडिकल कराया, मां—बेटी के खिलाफ पुलिस अभिरक्षा के दौरान अभद्र गालियां देने और धमकाने का प्रकरण दर्ज

भोपाल। जालसाजी के मामले में गिरफ्तार एक महिला ने जेपी अस्पताल में जमकर उपद्रव मचाया। इससे पहले उसकी बेटी ने पुलिस वाहन को रास्ते में रोककर महिला आरक्षकों के साथ अभद्रता की थी। यह घटना भोपाल (Bhopal News) शहर के शाहजहांनाबाद थाना क्षेत्र में हुई है। यह सारा घटनाक्रम पुलिस अमले ने जिला न्यायालय में न्यायाधीश को बताया। जिसके बाद जालसाज महिला को फटकार लगाते हुए उसे मेडिकल के लिए भेजा गया। पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार महिला और उसकी बेटी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है।
इस तरह की गई थी जालसाजी
शाहजहांनाबाद (Shahjahanabad) थाना पुलिस के अनुसार 19 जुलाई को जालसाजी का प्रकरण 427/25 दर्ज किया गया था। इस मामले में शिकायत आशा जैन (Asha Jain) पति पवन जैन ने पुलिस कमिश्नर से की थी। जिसकी जांच के बाद यह प्रकरण दर्ज हुआ था। पुलिस ने इस मामले में कथित आशा जैन, दीपिका यादव, कमलेश यादव, गोविंद कुमार वैन व अन्य को आरोपी बनाया था। आशा जैन का परिवार शाहपुरा (Shahpura) थाना क्षेत्र स्थित सी—सेक्टर में हैं। उनकी लगभग 50 एकड़ ग्राम झिरनिया में जमीन है। इसमें करीब 35 एकड़ जमीन नीलाम हो चुकी है। बाकी बची 15 एकड़ जमीन अभी भी उनके कब्जे में हैं। जिसको लेकर उनके बेटे नितिन जैन (Nitin Jain) के पास व्हाट्स एप पर मैसेज आया था। पटवारी सुप्रिया जैन (Patwari Supriya Jain) ने यह स्क्रीन शॉट भेजा था। जिसमें पता चला कि खसरा नंबर बदलकर किसी आशा जैन नाम की महिला ने उसे 50 लाख रुपए में बेच दिया है। इस संबंध में पंजीयक कार्यालय से सूचना के अधिकार में जानकारी निकाली गई। जबकि जमीन की कलेक्ट्रैट रेट पर ही करीब सवा तीन करोड़ रुपए से अधिक की है। परिवार को पता चला कि उक्त संपत्ति गिरवी रखकर बैंक आफ सौराष्ट्र (Bank Of Saurashtra) से लोन लिया जा रहा है। जमीन अवधपुरी (Awadhpuri) थाना क्षेत्र स्थित युगांतर कॉलोनी (Yugantar Colony) निवासी दीपिका यादव (Deepika Yadav) पति कमलेश यादव के नाम पर ट्रांसफर भी हो गई थी। पटवारी ने ओटीपी के लिए बेटे को स्क्रीन शॉट भेजा था। दरअसल, समस्त जमीन के रिकॉर्ड समग्र आईडी और आधार से लिंक थे। इस कारण फेरबदल से पूर्व जमीन मालिक से अनुमति लिया जाना आवश्यक था।
अस्पताल में मचाया उपद्रव

शाहजहांनाबाद थाना पुलिस इस मामले में गुपचुप तरीके से जांच कर रही थी। आशा जैन कैंसर पीड़ित महिला भी है। परिवार ने आरोप लगाया है कि उप पंजीयक आनंद कुमार पांडे (Anand Kumar Pandey) ने उक्त समस्त कार्य में गंभीर लापरवाही बरती है। इस मामले में बैंक अधिकारियों की भी संदिग्ध भूमिका थी। इस प्रकरण को मीडिया से छुपाकर अंदरुनी जांच पुलिस की तरफ से की जा रही थी। इससे पहले पीड़ित के पति पर ही जमीन फर्जीवाड़ा का फर्जी मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसमें वे दिसंबर, 2016 में बरी हो गए थे। पीड़ित परिवार ने बताया कि जमीन उन्होंने 1986 में अशोका गार्डन (Ashoka Garden) निवासी विनोद कुमार गोयल (Vinod Kumar Goyal) से खरीदा था। इसी गंभीर मामले में पुलिस ने पप्पी बाई (Pappy Bai Meena) पति ज्ञान सिंह मीना उम्र 41 साल को गिरफ्तार किया गया था। पप्पी बाई मीना जमीन मालिक बनकर उप पंजीयक कार्यालय में खड़ी हुई थी। वह निशातपुरा (Nishatpura) थाना क्षेत्र स्थित करोद के नजदीक अहसान कॉलोनी (Ahesan Colony) में रहती है। उसे जेपी अस्पताल ले जाकर मेडिकल के बाद जिला अदालत में पेश किया जाना था। जिसके लिए महिला आरक्षक निकिता बाकरिया (Con Nikita Bakriya) को तैनात किया गया था। वह आरोपी पप्पी बाई मीना को लेकर जा रही थी। तभी स्टेट बैंक तीन मोहरा के सामने उसकी बेटी रानी आ गई। वह मां से जबरिया मुलाकात करने की जिद करने लगी। उसे समझाया गया कि वह अदालत में वकील लेकर पहुंचे। ऐसे सड़क पर मुलाकात नहीं कराई जाती है। वह महिला आरक्षक के साथ अभद्र गाली—गलौज करते हुए वहां उत्पात मचाने लगी। यह हंगामा होता देखकर वहां कई लोग जमा होने लग गए। भीतर पुलिस वाहन में मौजूद आरोपी पप्पी बाई मीना भी हंगामा करते हुए गाली—गलौज करने लगी। मौके पर रानी का पति भारत सिंह (BharatSingh) भी आ गया। वह माफी मांगते हुए उसे अपने साथ ले गया। इधर, जेपी अस्पताल (JP Hospital) में पप्पी बाई मीना पहुंची तो उसने उपद्रव मचाना शुरु कर दिया। वह कहने लगी की पुलिस वाहन के नीचे आकर वह जख्मी होगी और ऐसा पुलिस ने किया है बोलकर आरोप लगाएगी। वह मेडिकल करने के लिए तैयार नहीं हुई। इसके बाद पुलिस बिना मेडिकल कराए ही जिला अदालत में उसे लेकर पहुंची। वहां अदालत में महिला ने आरोप लगाया कि उसे पुलिस बेटी के कारण मारपीट कर रही थी। इसलिए अदालत ने दूसरी महिला अधिकारी को बुलाकर उसे मेडिकल कराया। इसके बाद महिला आरक्षक ने पूरा घटनाक्रम थाना प्रभारी को बताने के बाद प्रकरण 440/25 दर्ज कर लिया। प्रकरण में आरोपी मां—बेटी को बनाया गया है।
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