MP COP News: पुलिस अधिकारी तो दूर बीट के प्रभारी भी नहीं बदले

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MP Cop News: राजधानी की बेपटरी हो चुकी इंटेलीजेंस व्यवस्था पर सरकार मौन, सीरिया, बांग्लादेश से लेकर कई देशों के प्रतिबंधित आतंकी संगठन के स्लीपर सेल दबोचे गए

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ग्राफिक डिजाइन टीसीआई

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस की व्यवस्था में बीट से लेकर पुलिस कप्तान तक सभी की जिम्मेदारियां तय है। लेकिन, पिछले एक दशक से किसी भी बड़ी घटना या खुलासे के बाद बीट से लेकर कप्तान (MP Cop News) तक सारे अफसर सुरक्षित रहे। इस कारण सुरक्षा के इस बाड़े के कारण राजधानी की इंटेलीजेंस व्यवस्था और मुखबिर तंत्र पटरी से नीचे उतर चुकी है। राजधानी होने के बावजूद यहां से सीरिया, बांग्लादेश दुबई से लेकर हर बड़े नेटवर्क का खुलासा केंद्रीय एजेंसियों ने करके राज्य सरकार को परेशानी में डाला है। लेकिन, सरकार और सिस्टम इसके बावजूद मौन रहता है।

न्यायाधीश को धमकी देने के मामले में हो चुका गिरफ्तार

ताजा मामला एनआईए (NIA) की कार्रवाई से उजागर हुआ है। यहां दीपावली से पूर्व निशातपुरा (Nishatpura) थाना क्षेत्र स्थित मित्तल कॉलेज (Mittal College) के पास इंडस रीजेंसी (Indus Regency) में जाकर एक मकान में दबिश दी थी। इस मकान और वहां रहने वाले परिवार की जानकारी स्थानीय पुलिस को होना थी। लेकिन, शहर के जिम्मेदार अधिकारियों ने इस बात की सुध ही नहीं ली। यहां सैयद गुलफाम (Syed Gulfam) का परिवार रहता है। वे एक फैक्ट्री में जॉब करते हैं। पत्नी शायना गृहणी है। बेटा अदनान खान (Adnan Khan) को एमपी एटीएस (MP ATS) एक साल पहले ज्ञानवापी मामले में फैसला देने वाले न्यायाधीश को धमकी देने के मामले में गिरफ्तार कर चुकी थी। उस वक्त पुलिस अधिकारियों का लगातार आना—जाना रहा। जिस कारण परिवार ने अशोका गार्डन (Ashoka Garden) वाला घर छोड़कर कुछ महीने पहले ही यहां निशातपुरा इलाके में रहने आ गया था। पुलिस के अधिकारियों को अदनान खान की गतिविधियों पर निगाह रखनी थी। लेकिन, वह खामोश ही रही। ताजा कार्रवाई से बदनामी न हो इसलिए घर की नाम पट्टिका पर उन्होंने अखबार चिपकाकर उसे छुपा दिया था। आस-पास रहने वालों ने बताया अदनान होशियार लड़का था।

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तीन साल में हुए वह खुलासे जिससे पुलिस प्रणाली बेनकाब हुई

  • मार्च-2022 एमपी एटीएस ने जमात उल मुजाहिद्दीन बांग्लादेश से जुड़े चार स्लीपर सेल फजर अली, मोहम्मद अकील, जहूरउद्दीन और फजर जैनुल को पकड़ा था।
  • फरवरी-2023 ऐशबाग इलाके से जांच एजेंसियों ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन पीएफआई से जुड़े गुलाम नबी उर्फ साजिद खान को गिरफ्तार किया था।
  • जून-2023 में एनआईए और एसटीएफ ने हिज्ब उल तहरीर संगठन से जुड़े आधा दर्जन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था।
  • अक्टूबर-2023 कोहेफिजा स्थित खानूगांव में रहने वाले मेहफूज के घर एनआईए ने दबिश देकर पिता-पुत्र से पूछताछ की थी। हालांकि बाद में रिहा कर दिया था।

इन घटनाओं से भी सबक नहीं लिया

ईटखेड़ी (Ithkhedi) और उससे पहले कटारा हिल्स (Katara Hills) इलाके में एमडी ड्रग फैक्ट्री पकड़ाई थी। यह कार्रवाई भी केंद्रीय एजेंसी ने की थी। इसके बावजूद किसी भी थाने का कोई भी अधिकारी बदला या उससे सवाल—जवाब नहीं किए गए। निशातपुरा में ताजा घटनाक्रम को लेकर भी राजधानी पुलिस के अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है। आलम यह है कि दीपावली से पूर्व एनआईए की इस कार्रवाई को लेकर दिनभर अफसर बातचीत करने से बचते रहे। जबकि राजधानी में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली में इस तरह की गतिविधियों की निगरानी के लिए क्राइम ब्रांच (Crime Branch) और सायबर क्राइम (Cyber Crime) के अधीन दर्जनों अफसर तैनात हैं।

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