Bhopal Cop News: वर्दी को देखें यह न सोचें कि ट्रैफिक और क्राइम ब्रांच का काम हैं: पुलिस कमिश्नर

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Bhopal Cop News:  सायबर क्राइम और क्राइम ब्रांच ने अपनी उपलब्धियां गिनाई तो पुलिस कमिश्नर बोले ड्रग्स माफिया तक आखिर क्यों नहीं पहुंच सके

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क्राइम ब्रांच के अफसरों से बात करते हुए भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार।

भोपाल। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार (Police Commissioner Sanjay Kumar) ने  भोपाल क्राइम ब्रांच के अफसरों से सीधा संवाद किया। इस दौरान क्राइम ब्रांच और सायबर सेल (Bhopal Cop News) ने अपनी अभी तक की उपलब्धियां पुलिस कमिश्रर को बताई। लेकिन, वे थानों के साथ टीम वर्क न होने पर असंतुष्ट नजर आए। उन्होंने कहा कि वर्दी एक है सिर्फ यूनिट अलग-अलग होने से जिम्मेदारी न लेना न्याय संगत नहीं हैं।

ड्रग्स माफिया की जड़ में प्रहार करना जरुरी

सायबर क्राइम ब्रांच (Cyber Crime Branch) ने अपनी कार्यशैली और लंबित आवेदनों के अलावा एफआईआर का विवरण बताया। लंबित आवेदनों की जांच में अधिकारियों की कमी की बात सामने आई। जिसके समाधान का आश्वासन पुलिस कमिश्रर ने दिया। इसके बाद क्राइम ब्रांच (Bhopal Crime Branch) ने अभी तक एनडीपीएस के अलावा माफियाओं के खिलाफ छेड़े अभियान की रिपोर्ट बताई। जिसे देखने के बाद पुलिस कमिश्नर का कहना था कि सिर्फ छोटे अपराधियों तक सिमट जाना ठीक नहीं हैं। ऐसे संगठित ड्रग्स माफिया की जड़ में प्रहार करना जरुरी है। इसलिए उनकी आगे की चेन को तोड़कर उनको सलाखों के पीछे पहुंचाने का काम होना चाहिए। बैठक में डीसीपी अखिल पटेल (DCP Akhil Patel), एडीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान (ADCP Shailendra Singh Chauhan) समेत सायबर और क्राइम ब्रांच में पदस्थ निरीक्षक और उप निरीक्षक मौजूद थे।

थाने के काम को भी अपना समझें

पुलिस कमिश्नर ने इशारों ही इशारों में ट्रैफिक(Traffic), क्राइम ब्रांच, सायबर क्राइम के अलावा थानों के बीच संवाद की कमी को चिन्हित करने की बात बोलते हुए कहा कि इसे सुधारने की आवश्यकता है। ट्रैफिक पुलिस को यदि चैकिंग के दौरान कोई अवैध गतिविधियां मिलती है तो उसकी सूचना साझा करनी चाहिए। थाना पुलिस को अपने क्षेत्र में चैकिंग पाइंट पर तैनात कर्मचारियों के अलावा क्राइम ब्रांच से भी समन्वय बनाना चाहिए। ऐसे ही क्राइम ब्रांच को भी चाहिए कि वह संबंधित थाने के प्रभारी या अन्य कर्मचारी से मिलकर सूचना संकलन को ज्यादा मजबूत बनाए। सक्रिय बदमाशों की चैकिंग थाना पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच को भी अचानक करना चाहिए। यह उसका भी काम है।

बोर्ड ऑफिस पर बैनर लगाकर जिम्मेदारी पूरी कर ली

बोर्ड ऑफिस समेत राजधानी के एक दर्जन से अधिक चौराहे ई-रिक्शा और ऑटो के जाल में घिर चुके हैं। जिस कारण कई जगह पर यातायात जाम की सर्वाधिक समस्या रहती है। यह बात पुलिस कमिश्नर ने कुर्सी संभालने के अगले दिन औचक निरीक्षण करके देख भी ली थी। जिसके बाद उन क्षेत्रों में सुधार करने का काम उन्होंने ट्रैफिक पुलिस (Traffic Police) के अधिकारियों को दिया था। हालांकि वहां मैदानी कर्मचारियों को तैनात करके रोकटोक करने की बजाय जगह-जगह बैनर लगाकर चेतावनी के बैनर लगा दिए गए हैं। इस कारण समस्या की जस की तस बनी हुई है।

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