MP Honey Trap Case: पुलिस की बनाई हुई झूठी कहानी में पत्नी को फंसाया

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बरखा का पति मीडिया के सामने आकर बोला,
इधर, हाईकोर्ट ने सरकार से बंद लिफाफे में एसआईटी चीफ बदलने को लेकर रिपोर्ट मांगी

MP Honey Trap Case
दाएं—बाएं श्वेता जैन के बीच में बैठी हुई बरखा सोनी भटनागर, जिन्हें ब्लैकमेलिंग के आरोप में पलासिया थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है

भोपाल। मध्यप्रदेश का बहुचर्चित हनी ट्रैप केस (MP Honey Trap Case) जो एक पखवाड़े पहले उजागर हुआ था वह सरकार को मुश्किल में डाल रहा है। इस मामले में आरोपी बरखा सोनी का पति अमित जो कांग्रेस आईटी सेल (Congress IT Cell) में तैनात रहा हैं, उसने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इधर, इंदौर हाईकोर्ट खंडपीठ (Indore High court Bench) ने विशेष जांच दल (SIT)  के चीफ बार—बार बदलने को लेकर सरकार से सफाई मांग ली है।
भोपाल के नेहरू नगर इलाके में रहने वाली बरखा सोनी को इंदौर जिले के पलासिया थाना पुलिस ने 18 सितंबर को उसे गिरफ्तार किया था। बरखा पर आरोप है कि उसने इंदौर के इंजीनियर हरभजन को वीडियो क्लिप दिखाकर तीन करोड़ रुपए (MP Honey Trap Case) की मांग की थी। इस आरोप में गिरफ्तार बरखा का पति अमित उसके बचाव में खुलकर सामने आ गया है। उसका कहना है कि मामला वैसा नहीं हैं जैसा बताया जा रहा है। उसका कहना है कि हरभजन ने उसको पहचाना ही नहीं हैं। उसे साजिश के तहत पूरे मामले में फंसाया जा रहा है। उसका कहना था कि जो ट्वीट उसके खाते से किए गए उसे हैक किया गया था। इस मामले की सायबर सेल (Madhya Pradesh Cyber Cell) में शिकायत भी की गई है। अमित सोनी कांग्रेस आईटी सेल (Congress IT Cell) में पहले प्रदेश पदाधिकारी के पद पर तैनात था। हनी ट्रैप मामला उजागर होने से एक महीने पहले ही उसे यहां से हटा दिया गया था।

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सुनिए मीडिया से बातचीत में क्या कहा अमित सोनी ने

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इधर, हनी ट्रैप (MP Honey Trap Case) मामले में बार—बार एसआईटी चीफ बदलने को लेकर हाईकोर्ट इंदौर खंडपीठ ने सरकार से जवाब तलब किया है। पूरी रिपोर्ट बंद लिफाफे में सरकार से मांगी गई है। दरअसल, इस मामले में पहले आईजी सीआईजी डी श्रीनिवास वर्मा, एडीजी एटीएस संजीव शमी फिर उसके बाद स्पेशल डीजी राजेन्द्र कुमार को एसआईटी (SIT) का चीफ बनाया गया। यह तीनों बदलाव केवल नौ दिन में किए गए। इस मामले में स्पेशल डीजी पुरूषोत्तम शर्मा ने भी डीजीपी वीके सिंह के खिलाफ बयान देते हुए एसआईटी के गठन पर सवाल खड़े किए थे।

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