Bhopal Job Fraud: सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर फर्जीवाड़ा

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Bhopal Job Fraud: तीन दंपति पर पुलिस ने लगाए संगीन आरोप, तीन बेरोजगार युवकों से किस्त में ऐंठ लिए सवा बारह लाख रूपए, रकम देते वक्त पीड़ितों ने बनाए थे वीडियो जो पुलिस को सौंपे, मानव संग्रहालय के इन तीन अधिकारियों के नाम भी इस कारण एफआईआर में आए

Bhopal Job Fraud
ऐशबाग थाना, भोपाल शहर— फाइल फोटो

भोपाल। सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर तीन दंपति ने मिलकर तीन युवकों से किस्त में सवा बारह लाख रूपए ऐंठ लिए। यह घटना भोपाल (Bhopal Job Fraud) शहर के ऐशबाग थाना क्षेत्र की है। आरोपियों ने मानव संग्रहालय में नौकरी लगाने का झांसा दिया था। भरोसे में लेने के लिए जालसाज दंपति ने मेडिकल के लिए निजी क्लीनिक से टेस्ट भी कराया था। इतना ही नहीं आरोपियों ने पीड़ितों के घरों पर फर्जी अपाइंटमेंट लैटर भी भेजे थे। इस फर्जीवाड़े का पता चलने पर कई दिनों तक आरोपियों के साथ पैसा मांगने को लेकर विवाद होता रहा। इसी बीच मामला थाने पहुंचा और प्रकरण दर्ज किया गया।

कंसल्टेंसी चलाने का करती थी काम

ऐशबाग थाना पुलिस के अनुसार इस घटना की शुरूआत अक्टूबर, 2021 से हुई थी। जिसमें 6 अप्रैल दोपहर ढ़ाई बजे 101/23 धारा 420/467/468/406/506/120—बी (जालसाजी, दस्तावेजों की कूटरचना, गबन, धमकाना और साजिश के तहत प्रकरण) दर्ज किया गया है। इस मामले की शिकायत थाने में लोकेंद्र सिंह चौहान  उर्फ संजू (Lokendra Singh Chauhan@Sanju) पिता जगदीश सिंह चौहान उम्र ने दर्ज कराई। वह अशोका गार्डन स्थित सुभाष कॉलोनी में रहता है। इस प्रकरण में छह आरोपी हिना परवीन उर्फ शिबा, इमरान, जीनत, फराज, उजमा और जहीर उद्दीन उर्फ माहिर आजाद है। लोकेंद्र सिंह चौहान ने पुलिस को बताया कि सोनिया गांधी कॉलोनी (Soniya Gandhi Colony) निवासी सलमान खान (Salman Khan) पिता स्वर्गीय हबीब खान और फैजान (Faizan) पिता लाल मियां से उसकी दोस्ती है। तीनों कोरोना काल से बेरोजगार चल रहे थे। इस कारण नौकरी तलाश रहे थे। पीड़ित सलमान खान की पहचान आरोपी हिना परवीन उर्फ शिबा (Heena Parveen@Shiba) से थी। वह कंसल्टेंसी चलाने का काम करती थी। इमरान उसका पति है, जो कि मामले में भी आरोपी है।

इन पदों पर होनी थी बेरोजगारों की भर्ती

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सांकेतिक चित्र

लोकेंद्र सिंह चौहान ने पुलिस को बताया कि जीनत और उसका पति फराज (Faraz) इसके अलावा उजमा (Uzma) और उसका पति जहीर उद्दीन उर्फ माहिर आजाद (Zaheer Uddin@Mahir Azad)  ने तीनों युवकों को मानव संग्रहालय (Manav Sangrahalaya) में नौकरी (Bhopal Job Fraud) लगाने का लालच दिया था। आरोपी हिना परवीन और उसका पति इमरान ने तीनों से अक्टूबर, 2021 में मुलाकात की। आरोपी दंपति ने मानव संग्रहालय में टिकट मैकर और टिकट चेकर पद में भर्ती कराने का झांसा दिया। इसके बदले में तय हुआ कि वह 60 फीसदी एडवांस में रकम लेंगे। बाकी नियुक्ति पत्र मिलने के बाद रकम चुकाना होगी। इस सौदे के तहत तीनों बेरोजगारों ने पहली किस्त 60 हजार रूपए अक्टूबर, 2021 को दी थी। फिर दो लाख रूपए छह दिन बाद लोकेंद्र सिंह चौहान ने दिए थे। यह रकम हिना परवीन के एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) खाते में जमा कराई गई थी।

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घर पर पहुंचा दिए फर्जी कॉल लैटर

तीन दिन बाद तीनों बेरोजगारों लोकेंद्र सिंह चौहान, सलमान खान और फैजान ने दो लाख चालीस हजार रूपए का नकद भुगतान हिना परवीन को किया। यह रकम देते हुए फैजान के बड़े भाई ने उसका वीडियो भी बनाया था। एक सप्ताह बाद लोकेंद्र सिंह चौहान ने हिना परवीन को फिर ढ़ाई लाख रूपए बैंक खाते में जमा कराए थे। उसी दिन तीनों ने मिलकर एक बार फिर साढ़े सात लाख रूपए नकद भुगतान किए गए। जब यह रकम ली जा रही थी तब यह कहा गया था कि वे इस बात का एग्रीमेंट भी करेंगे। लेकिन, आरोपी दंपति ने ऐसा नहीं किया था। रकम लेने के बाद भी जब ​अपाइंटमेंट लैटर नहीं मिला तो आरोपियों से इसका विरोध किया जाने लगा। कुछ दिनों बाद ही तीनों के घर के पते पर नियुक्ति पत्र अचानक भेजे गए। वह मिलने के बाद आरोपी दंपति बाकी रकम मांग रहे थे। नियुक्ति पत्र फर्जी प्रतीत हो रहा था। इस कारण तीनों पीड़ित रकम देने से मना करने लगे।

मानव संग्रहालय के अफसरों को पहुंचानी थी रकम

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ग्राफिक डिजाइन टीसीआई

लोकेंद्र सिंह चौहान ने पुलिस को बताया कि जॉब लैटर के बाद उन्हें कहा गया था कि कोरोना गाइड लाइन के चलते ट्रेनिंग प्रोग्राम को टाल दिया गया है। कुछ दिनों बाद आरोपियों ने भर्ती पूर्व मेडिकल फिटनेस के लिए कोहेफिजा स्थित थायरो केयर से चेकअप भी कराया गया। कुछ दिनों बाद उनके ई—मेल पर फर्जी रोजगार कार्यालय (Bhopal Job Fraud) की आईडी से फेक ट्रेनिंग प्रोग्राम का पत्र भी भेजा गया। आरोपी हिना परवीन और उसका पति फिर पैसे देने की जिद करने लगे। पीड़ितों को शक हो गया था तो वे कहने लगे कि मानव संग्रहालय के अफसरों सूर्य कुमार पांडे, नितिन देशपांडे और मेहबूब साहब को रकम पहुंचाना है। ऐसा नहीं किया तो पूर्व में दिए गए साढ़े सात लाख रूपए डूब जाएंगे।

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यह क्यों फंसे इस बात पर सस्पेंस बरकरार

हिना परवीन और उसके पति इमरान ने कहा कि उन्हें उत्तर प्रदेश में एक शादी में शामिल होने जाना है। तब तीनों बेरोजगारों से कहा गया कि उनकी गैरमौजूदगी में उजमा और उसके पति जहीर उद्दीन को रकम देने के लिए बोला गया। इन दोनों से बातचीत के बाद अलग—अलग स्थानों पर जाकर चार लाख 70 हजार रूपए पीड़ितों ने दिए थे। ऐतबार दिलाने के लिए आरोपियों ने सिक्योरिटी चैक भी दिया था। यह चेक उजमा का बताया गया था। रकम लेने के बाद आरोपी बहाना बनाकर मुलाकात करने से बचने लगे। जब इनके बारे में पता लगाया तो ऐंठी गई रकम के बंटवारे को लेकर आरोपियों में ही विवाद होने लगा था। रकम मांगने पर हिना परवीन उर्फ शिबा अपनी राजनीतिक पहुंच दिखाने लगी। इस मामले में आरोपी बनाए गए फराज और जीनत की भूमिका को पुलिस ने साफ नहीं किया है।

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