Fake Cop News: दो फरार साथियों की तलाश में दिल्ली में डेरा डाला, वॉकी-टॉकी के साथ आधा दर्जन युवकों ने घर में घुसकर लूटे थे 70 हजार रुपए

भोपाल। Special26 मूवी की तरह वारदात करने वाले आधा दर्जन आरोपियों में से नकली (Fake Cop News) चार युवक भोपाल शहर की हबीबगंज थाना पुलिस के हत्थे लग गए हैं। जबकि वारदात में शामिल मुख्य आरोपी अभी भी फरार चल रहे हैं। जिनके दिल्ली में फरार होने की जानकारी पुलिस के हाथ लगी हैं।
क्या है पूरा मामला
शेयर ट्रेडिंग का काम करने वाले राहुल गुप्ता (Rahul Gupta) पिता अरुण गुप्ता मूलत: नर्मदापुरम (Narmadapuram) जिले के रहने वाले हैं। यहां हबीबगंज स्थित ई-7 में लाला लाजपत राय सोसायटी (Lala Lajpat Rai Society) में रहते हैं। वे 11 जनवरी को अपने दोस्त अनिमेष वर्मा, अनुराग और नरेंद्र परमार के साथ बैठे थे। तभी एक-एक करके आधा दर्जन आरोपी क्राइम ब्रांच (Crime Branch) के कर्मचारी बनकर घर के भीतर घुसे। घर की तलाशी लेने की आड़ में नकदी और जेवरात बटोर लिया। लूटा गया माल लगभग एक लाख रुपए का है। जिसमें 70 हजार रुपए नकद हैं। इसके बाद आरोपियों ने अपने ही जेब से गांजा और एटीएम कार्ड निकालकर चारों युवकों के साथ वीडियो (Video) भी बनाया। आरोपी इसके बाद किराए पर राहुल गुप्ता की ली गई स्वीफ्ट डिजायर कार (Car) में उसे बैठाकर ले गए। आरोपी अपने साथ सियाज कार लेकर आए थे। राहुल गुप्ता, अनिमेष वर्मा (Animesh Verma) , अनुराग और नरेंद्र परमार (Narendra Parmar) को बंधक बनाकर इसके बाद वे मिसरोद (Misrod) थाने के पास तक ले गए। इसके बाद आरोपी एनडीपीएस (NDPS) प्रकरण से बचने के लिए प्रत्येक से पांच-पांच लाख रुपए का इंतजाम करने की बात बोली। इस दौरान राहुल गुप्ता के करीबी नर्मदापुरम निवासी आनंद रघुवंशी (Anand Raghuvanshi) से कई बार कॉल लगाने को बोला। इस दौरान उसकी गर्दन पर चाकू अड़ाकर रखा गया था। आनंद रघुवंशी को शिवाजी नगर (Shivaji Nagar) स्थित पांच नंबर बस स्टॉप के पास शराब दुकान के सामने बुलाया गया।
पुलिस को इनकी है तलाश

हबीबगंज (Habibganj) थाना पुलिस ने इस मामले में तुरंत प्रकरण दर्ज नहीं किया। प्रकरण दबाव बनाने पर 13 जनवरी की रात आठ बजे दर्ज किया गया। आनंद रघुवंशी अपनी थार (Thar) लेकर पहुंचे थे। वे आरोपियों की कार में बैठे और पैसा देने की बातचीत करते वक्त एक आरोपी का मोबाइल (Mobile) छूट गया था। जिसकी मदद से आरोपियों को चिन्हित किया गया। पुलिस ने इस मामले में 14 जनवरी को सैयद जाकिर(Saiyed Zaqir) , अमन जाधव (Aman Jadhav), रिषभ ठाकुर (Rishabh Thakur) और विनायक हारणा (Vinayak Harna) को गिरफ्तार किया। सैयद जाकिर विदिशा (Vidisha) जिले का रहने वाला है। जबकि अमन जाधव टीटी नगर (TT Nagar) थाना क्षेत्र मेें रहता है। इसी तरह रिषभ ठाकुर स्टेशन बजरिया (Station Bajaria) स्थित कोच फैक्ट्री में रहता है। गिरफ्तार चौथा आरोपी विनायक हारणा टीटी नगर स्थित तुलसी नगर (Tulsi Nagar) का रहने वाला है। पुलिस को अभी करोद में रहने वाले अरशद और अल्ताफ की तलाश है। इन आरोपियों के पास राहुल गुप्ता का दो महीना पूर्व खरीदा गया आई फोन मौजूद हैं। आरोपियों की लोकेशन दिल्ली (Delhi) मेें मिल रही है।
पुलिस कर्मचारियों की संदिग्ध भूमिका
आरोपियों ने राहुल गुप्ता से पैसा मंगाने के लिए दोस्तों से दुर्घटना होने के बाद हर्जाना देने के बहाने पैसा मांगने के लिए बोला था। आरोपियों (Fake Cop News) ने घर में रखे भगवान की मूर्तियों को भी फेंकने के बाद उसकी चिल्लर बटोरी थी। इसके अलावा जूते, कपड़े समेत अन्य सामान भी उठाकर ले गए। इस मामले में पुलिस ने एफआईआर करने में काफी देरी की है। जिसमें थाना पुलिस घिर गई है। बताया जा रहा है कि प्रकरण में तीन पुलिस कर्मचारियों की संदिग्ध भूमिका सामने आ रही है। जिन्हें बचाने के लिए एफआईआर में देरी हुई। इसके अलावा एक जिले के नेता के रिश्तेदार की भी भूमिका सामने आ रही है। हालांकि थाना प्रभारी संजीव चौकसे (TI Sanjeev Chauksey) का कहना है कि ऐसा कुछ नहीं हैं। मामले की जांच जारी है। इसमें अभी दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कुछ बातें स्पष्ट हो सकेगी।
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