Bhopal Loot News: वारदात को जेल से छूटकर आए आरोपी ने दिया अंजाम, नौकरानी के बेटे के खिलाफ एफआईआर

भोपाल। खनिज विभाग की महिला कर्मचारी को घर में बंधक बनाकर लूट लिया गया। यह वारदात भोपाल (Bhopal Loot News) शहर के टीटी नगर थाना क्षेत्र की है। इस वारदात को अंजाम देने महिला की घरेलू कर्मचारी का बेटा पहुंचा था। उसने चाकू की नोंक पर दिनदहाड़े वारदात को अंजाम दिया। वह एक लाख, 68 हजार रुपए और एप्पल फोन लेकर भागा था।
चाकू की नोंक पर बंधक बनाया
जानकारी के अनुसार यह सनसनीखेज वारदात 07 फरवरी की दोपहर लगभग तीन बजे हुई थी। जिसकी एफआईआर 07—08 फरवरी की दरमियानी रात लगभग सवा बारह बजे 74/26 दर्ज की गई। पुलिस की तरफ से यह अभी नहीं बताया गया है कि उसे सूचना कितने बजे मिली थी। थाने में शिकायत अर्चना वर्मा पिता रमेश वर्मा उम्र 28 साल ने दर्ज कराई है। वह माता मंदिर( Mata Mandir) के नजदीक रहती है। अर्चना वर्मा (Archna Verma) खनिज विभाग (Mines Department) में सहायक वर्ग तृतीय श्रेणी में नौकरी करती है। उसने घर में काम के लिए नौकरानी कमला रैकवार (Kamla Raikwar) को रखा है। पिता रमेश वर्मा (Ramesh Verma) सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं। वह दोपहर में जैसे ही ड्यूटी चले गए तो उसके बाद घर पर दस्तक हुई। गेट पर उन्हें कमला रैकवार का बेटा आशीष रैकवार (Ashish Raikwar) दिखाई दिया। वह उसको जानती थी इसलिए दरवाजा खोल दिया। वह भीतर अपने साथ एक विधि विरोधी बालक के साथ घुस आया। अर्चना वर्मा को चाकू की नोंक पर बंधक बनाया। उसने घर में तोड़फोड़ भी यह बोलकर करता रहा कि उसे जहां रकम रखी है वह बता दे। उसकी हरकत देखकर अर्चना वर्मा ने अलमारी की चाबी जहां रकम थी वह बता दी। इसके बाद आरोपी आशीष रैकवार उर्फ गोलू (Ashish Raikwar@Golu) एक लाख, 68 हजार रुपए, दो मोबाइल (Mobile) उठाकर फरार हो गया। टीटी नगर थाना (TT Nagar) पुलिस ने लूटी हुई रकम और मोबाइल बरामद कर लिया है।
समूह लोन की किस्त चुकाने का था दबाव
आरोपी आशीष रैकवार उर्फ गोलू पिता श्याम रैकवार उम्र 20 साल कटसी इलाके में रहता है। वह अपने मौसेरे नाबालिग भाई के साथ वारदात करने पहुंचा था। पुलिस को पता चला है कि आशीष रैकवार कुछ महीना पूर्व ही हत्या के प्रयास में जेल गया था। वहां से जमानत में वह बाहर आया था। उसकी पहचान होने के बाद पुलिस को उसकी जानकारी मिल गई थी। जिसके बाद पुलिस ने उसको तलाशा और हिरासत में ले लिया। इससे पहले यह पूरा घटनाक्रम अफसरों के बीच आदान—प्रदान होता रहा।
घटनाओं को छुपाना बनी परंपरा
राजधानी में चाकू मारकर लूटपाट, रंगदारी, अपहरण जैसी घटनाओं पर पुलिस अंकुश नहीं लगा पा रही है। पिछले दिनों अयोध्या नगर (Ayodhya Nagar) और पिपलानी (Piplani) में चार युवतियों को चाकू मारकर फरार चल रहे सायको देवेंद्र अहिरवार (Psycho Devendra Ahirwar) के मामले ने तो भारी किरकिरी कराई। उसको छह दिन तक पुलिस पकड़ नहीं पा रही थी। इस मामले में भी मीडिया से दूरी और चुप्पी बनाकर रखी गई। जबकि जनता और युवाओं का प्रतिनिधि मंडल पुलिस की कार्यशैली पर जमकर विरोध जता रहा था। दरअसल, भोपाल पुलिस में एक परंपरा बहुत तेजी से बढ़ गई है। वह आरोपियों को दबोचने के बाद मीडिया से घटनाक्रम को साझा करने लगी है। जिस कारण कई मामलों में पर्दा बना रहना आम हो चला है। ऐसा ही मामला पिछले दिनों एमपी नगर में सिलसिलेवार हुई दो अपहरण (Kidnapped) के मामलों में सामने आ चुका है। उस प्रकरण को भी दबाया गया और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अफसरों ने चुप्पी तोड़ी। इसी तरह टीटी नगर में दिनदहाड़े राजधानी में घर के भीतर घुसकर लूटपाट करने के मामले को भी अफसरों ने दबाया। जबकि इस प्रकरण में आरोपी की पहचान भी हो चुकी थी।
खबर के लिए ऐसे जुड़े

हमारी कोशिश है कि शोध परक खबरों की संख्या बढ़ाई जाए। इसके लिए कई विषयों पर कार्य जारी है। हम आपसे अपील करते हैं कि हमारी मुहिम को आवाज देने के लिए आपका साथ जरुरी है। हमारे www.thecrimeinfo.com के फेसबुक पेज और यू ट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें। आप हमारे व्हाट्स एप्प न्यूज सेक्शन से जुड़ना चाहते हैं या फिर कोई घटना या समाचार की जानकारी देना चाहते हैं तो मोबाइल नंबर 7898656291 पर संपर्क कर सकते हैं।