Bhopal News: जिस मीरा काम्पलेक्स से हवाला की रकम मिली वहां होने वाली गतिविधियों और हंगामे की खबर कैफे संचालक ने पुलिस को चार दिन पहले दी थी

भोपाल। मीरा काम्पलेक्स के जिस फ्लैट से हवाला की रकम मिली है उसमें भोपाल (Bhopal News) शहर की एमपी नगर थाना पुलिस की दरियादिली जांच का विषय बन गई है। दरअसल, जिस कैफे संचालक को मारा—पीटा गया उसने चार दिन पहले मीरा काम्पलेक्स के कुछ लड़कों की जानकारी थाना पुलिस को दी थी। जिसमें तुरंत एक्शन करने की बजाय पीड़ित का ही नाम उजागर थाने की तरफ से हो गया था।
चैकिंग के दौरान मिली रकम
जानकारी के अनुसार मीरा काम्पलेक्स (Meera Coplex) से 61 लाख 10 हजार रुपए बरामद हुए हैं। इस रकम की जांच आयकर विभाग (Income Tax Department) अपनी तरफ से कर रहा है। एमपी नगर (MP Nagar) थाना पुलिस को यह रकम कैफे संचालक से मारपीट के आरोपियों को पकड़ने के दौरान मीरा काम्पलेक्स में घुसकर चैकिंग के दौरान मिली थी। पुलिस को इस रकम के साथ अजय साहू (Ajay Sahu), संजय वाधवानी (Sanjay Wadhvani) और राजेश पाल (Rajesh Pal) मौके पर मिले थे। इधर, हमले के मामले में मुख्य आरोपी अभिषेक का नाम सामने आया है। वह फिलहाल फरार चल रहा है। जबकि पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। थाना प्रभारी जयहिंद शर्मा (TI Jaihind Sharma) इसे जांच का विषय बताकर मामले में बातचीत करने से बचते नजर आए।
यह है पूरा मामला

इससे पहले एमपी नगर थाना पुलिस ने मोहित विश्वकर्मा पिता रामनिवास विश्वकर्मा उम्र 23 साल की शिकायत पर मारपीट और तोड़फोड़ का प्रकरण दर्ज किया था। मोहित विश्वकर्मा (Mohit Vishwakarma) भी मीरा काम्पलेक्स में किराए से रहते हैं। वह जहां रहते हैं उसके ही नजदीक लैजी कैफे (Lazy Cafe) संचालित करते हैं। कैफे के वास्तविक मालिक हैप्पी रेसीडेंसी (Happy Residency) के मालिक है। कैफे को उन्होंने किराए पर संचालित करने लिया है। मोहित विश्वकर्मा मूलत: रीवा (Rewa) जिले के रहने वाले हैं। 16 फरवरी शाम लगभग सवा सात बजे एक दर्जन युवकों की तरफ से की जा रही मारपीट और तोड़फोड़ के वीडियो (Video) सोशल मीडिया में जमकर वायरल हुए थे। इससे पहले उनके ही कैफे पर चार दिन पहले भी विवाद हुआ था। जिसकी जानकारी मोहित विश्वकर्मा ने एमपी नगर थाना पुलिस को दी थी। यह जानकारी देने से अभिषेक नाराज होकर हमला करने पहुंचा था। थाने की भूमिका को लेकर डीसीपी विवेक सिंह (DCP Vivek Singh) ने बताया कि इस संबंध में आरोपी अभिषेक की गिरफ्तारी के बाद खुलासा होगा। यह बात हमारे भी संज्ञान में है और तथ्यों का पता लगाने जांच में शामिल है।
अशोका गार्डन में हो चुका है विवाद
विधानसभा चुनाव के दौरान अशोका गार्डन (Ashoka Garden) थाना पुलिस ने दबिश दी थी। वहां भी हवाला (Bhopal News) की रकम मिली थी। जिसे गायब करने के लिए पर्याप्त अवसर दबिश देने गई टीम में शामिल कुछ पुलिसकर्मियों ने दिया था। जिसकी जांच के बाद डीसीपी जोन—1 ने साजिश करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच करके सजा भी दी थी। इस मामले के कनेक्शन बैरागढ़ (Bairagarh) थाना क्षेत्र से जुड़े थे। मामले की जांच जब डीसीपी जोन—1 प्रियंका शुक्ला (DCP Priyanka Shukla) ने अपने हाथ में ली तो बैरागढ़ से भी भारी मात्रा में हवाला की रकम बरामद हुई थी। उसमें कुछ फटे और पुराने नोट बरामद किए गए थे। जिसे आरबीआई (RBI) की गाइड लाइन के अनुसार बदलने और उसके निस्तारण के लिए ले जाने की जानकारी आरोपियों की तरफ से दी गई थी।
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