Bhopal Cop News: राजधानी में बरसों से जमे ट्रैफिक के अधिकारियों को व्यवस्था खुद संभालने बोला,एमपी नगर के बाद बागसेवनिया थाने भी पहुंचे,पैदल घुमकर कमियों का पता लगाया,सभी थानों से अपने-अपने क्षेत्र के अतिव्यस्तम तीन स्थानों को चिन्हित करके रिपोर्ट मांगी

भोपाल। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार (Police Commissioner Sanjay Kumar ) ने 02 फरवरी को कुर्सी संभाली है। जिसके बाद उन्होंने 03 फरवरी की सुबह मोर्चा संभाल लिया। वे बिना बताए व्यापमं फिर वहां से बोर्ड ऑफिस चौराहे पर पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने भोपाल (Bhopal Cop News) शहर की यातायात पुलिस के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर तमाम तकनीकी बिंदुओं को सुधारने और जनता से उसके पालन कराने के लिए कहा। मौके पर ऐसे अफसर भी पहुंचे जो कभी भी सड़कों पर दिखाई ही नहीं दिए थे।
ट्रैफिक दबाव की स्थिति का किया निरीक्षण
जानकारी के अनुसार पुलिस कमिश्रर 03 फरवरी की सुबह लगभग साढ़े नौ बजे व्यापमं चौराहे पहुंच गए थे। उनके साथ एडिशनल डीसीपी ट्रैफिक बसंत कौल (ADCP Basant Kaul) भी थे। यहां उन्होंने व्यापमं के सिग्नल टाईम और ट्रैफिक दबाव की स्थिति के बारे में कौल से रिपोर्ट मांगी। उन्हें बताया गया कि सुबह के वक्त चार ईमली से आने वाला यातायात ज्यादा होता है। इसलिए न्यू मार्केट से बोर्ड ऑफिस की तरफ जाने वाले यातायात को देर तक सिग्नल पर रोका जाता है। ताकि चार ईमली से आने-जाने वाला यातायात सुगमता से चल सके। इसके बाद वे बोर्ड ऑफिस चौराहे पर पहुंचे। यहां काफी अस्त-व्यस्त माहौल मिला। क्योंकि सड़क के चारों तरफ बेतरतीब तरीके से ई-रिक्शा वालों का जमावड़ा था। जिसे सुधारने के निर्देश उन्होंने कौल को दिए। यहां से निकलकर सीपी संजय कुमार (Police Commissioner Sanjay Kumar) बागसेवनिया थाने के पास पहुंचे। इस चौराहे पर मैन रोड के अलावा सर्विस लेन से आने वाला यातायात चौराहे पर पहुंचता है।इसके अलावा बावडिया कला से आकर मिसरोद की तरफ जाने वाला भारी यातायात का दबाव चौराहे पर बनता है। यहां इंतजाम सुधारने और ट्रैफिक पुलिस (Traffic Police) को सही तरीके से काम करने की तकनीक समझाई गई। यहां से पैदल-पैदल वे दानिश नगर तिराहे तक भी पहुंचे। यहां सैंकड़ों वाहन हर रोज जाम का शिकार होते हैं। दरअसल, सिक्सलेन में आने के पूर्व दानिश नगर (Danish Nagar) तिराहे पर बॉटल नेक होने के चलते वाहनों का भारी जमावड़ा लग जाता है। जिस कारण सिक्सलेन से दानिश नगर की तरफ मुड़ने वाला यातायात मुख्य मार्ग पर ही फंस जाता है। ट्रैफिक की इन समस्याओं को चिन्हित करते हुए वे मिसरोद (Misrod) थाने तक पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ डीसीपी जोन-2 विवेक सिंह (DCP Vivek Singh) , एसीपी रजनीश कश्यप कौल (ACP Rajnish Kashyap Kaul) समेत अन्य आला अधिकारी भी थे।
पुलिस लाइन में मुस्तैद रहा अमला
सीपी संजय कुमार ने 02 फरवरी को कुर्सी संभाली थी। जिसके बाद उन्होंने पुलिस की शारीरिक क्षमता को लेकर अपनी तरफ से चिंता जताई थी। यह सुनने के बाद डीसीपी मुख्यालय श्रद्धा तिवारी (DCP Shraddha Tiwari) को यकीन था कि वे पुलिस लाइन में 03 फरवरी की सुबह पहुंच सकते हैं। इसलिए रक्षित निरीक्षक ने सीपी के स्वागत के हिसाब से पूरी तैयारी कर रखी थी। लेकिन, जब उन्हें वॉयरलैस सेट पर पता चला कि सीपी थानों में भ्रमण कर रहे हैं। हालांकि वे 06 फरवरी को पुलिस लाइन में जाकर पुलिस प्रशिक्षण के इंतजाम देखने जाएंगे। फिलहाल उन्होंने क्राइम ब्रांच (Crime Branch) से उनकी तरफ से किए जाने वाले काम और उपलब्धियों के साथ सारा ब्यौरा मांग लिया है। जिसको बनाने के लिए 03 फरवरी को दिनभर क्राइम ब्रांच के अफसर जुटे रहे।
खबर के लिए ऐसे जुड़े

हमारी कोशिश है कि शोध परक खबरों की संख्या बढ़ाई जाए। इसके लिए कई विषयों पर कार्य जारी है। हम आपसे अपील करते हैं कि हमारी मुहिम को आवाज देने के लिए आपका साथ जरुरी है। हमारे www.thecrimeinfo.com के फेसबुक पेज और यू ट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें। आप हमारे व्हाट्स एप्प न्यूज सेक्शन से जुड़ना चाहते हैं या फिर कोई घटना या समाचार की जानकारी देना चाहते हैं तो मोबाइल नंबर 7898656291 पर संपर्क कर सकते हैं।