Lawrence Bishnoi Gang News: राजधानी की पुलिस Lawrence Bishnoi की धमकी पर भी नहीं जागी 

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Lawrence Bishnoi Gang News: चर्च के नजदीक जिस व्यक्ति पर चाकू से मारकर जानलेवा हमला हुआ उसने की थी शिकायत, मामले को दबा रहे अफसर

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सांकेतिक ग्राफिक डिजाइन टीसीआई

भोपाल। राजधानी में एक बार फिर लॉरेंस विश्नोई नाम सुर्खियों में आ गया है। दरअसल, कजलीखेड़ा इलाके में चर्च के बाहर हुए हमले के पीड़ित ने इस संबंध में भोपाल (Lawrence Bishnoi Gang News) शहर के कोलार रोड थाने में शिकायत की थी। उस वक्त पुलिस ने मामला लेन-देन का बताकर प्रकरण को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। अब नए सिरे से हुई जांच के बाद वह पुराने कागज सुर्खियों में आ गए हैं।

लारेंस गैंग के नाम से दी धमकी

जानकारी के अनुसार चाकूबाजी की ताजा घटना में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिसकी शिकायत राजेश आस्टिन (Rajesh Austin) ने दर्ज कराई थी। करीब दो साल पहले उनकी मुलाकात थामस वर्गिस (Thomas Varghese) से हुई थी। दोनों के बीच पिछले दिनों रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था। उन पर पांच अप्रैल की रात करीब एक बजे कजलीखेड़ा (Kajlikheda) में चर्च (Church) के बाहर तीन बदमाशों ने हमला किया था। पुलिस ने थामस के साले अमित सूर्यवंशी (Amit Suryavanshi) और उसके दोस्त योगेश नाथ (Yogesh Nath) को गिरफ्तार किया है। वह कोलार थाने का सूचीबद्ध गुंडा है। इसके अलावा 08 अप्रैल को कजलीखेड़ा पुलिस ने हमले के साजिशकर्ता के रुप में थामस वर्गीस को भी गिरफ्तार कर लिया। राजेश आस्टिन का दावा है कि आरोपित थामस रुपयों के विवाद को लेकर करीब सवा साल पहले उसे लारेंस गैंग (Lawrence Gang) के नाम से उसे धमकी दे रहा था। जिसकी कोलार रोड (Kolar Road) थाने में भी शिकायत की थी।

इसलिए अब सवाल खड़े हो रहे हैं

कोलार रोड थाना पुलिस ने जिस तरह से मामले को दबाया उससे एमपी पुलिस (MP Police) कठघरे में आ गई। दरअसल, प्रदेश में लॉरेंस विश्नोई गैंग (Lawrence Bishnoi Gang News) की सिलसिलेवार धमकियों के मामलों को डीजीपी कैलाश मकवाणा (DGP Kailash Makwana) ने गंभीरता से लिया था। जिसके बाद उन्होंने 26 मार्च को विशेष जांच दल बनाया था। दल में विशेष पुलिस महानिदेशक डी.श्रीनिवास वर्मा की निगरानी में एसपी भोपाल रेल राहुल कुमार लोढ़ा, एसटीएफ भोपाल एसपी राजेश सिंह भदौरिया, इंदौर एसटीएफ एसपी नवीन कुमार चौधरी, एटीएस भोपाल एसपी वैभव श्रीवास्तव, एआईजी रेडियो सुधीर कनोजिया, डीएसपी एसटीएफ सूर्यकांत अवस्थी, दिव्या सिंह राजावत, महेंद्र सिंह चौहान और योगिता साटनकर को शामिल किया गया है। यह 20 सदस्यीय दल ने तीन बैठक भी अब तक कर ली है। एसआईटी (SIT) बनने के बाद प्रदीप शुक्ला (Pradeep Shukla) नाम के एक बदमाश को दबोचा गया है। उसके खिलाफ राजस्थान, दिल्ली के अलावा मध्यप्रदेश में प्रकरण दर्ज है। यह सारे प्रकरण लॉरेंस विश्नोई गैंग से जुड़े हैं। आरोपी को मुरैना (Morena) से हिरासत में लिया गया था। जिसके संबंध में अभी एसआईटी ने कोई खुलासा नहीं किया है।

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इसलिए हैरी बॉक्सर का खास था

पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने बताया कि आरोपी प्रदीप शुक्ला निवासी डिफेंस कॉलोनी, जिला आगरा उत्तर प्रदेश (UP) में दर्ज प्रकरण में फरार था। उसके खिलाफ 20 हजार रुपये का इनाम घोषित था। जांच में सामने आया कि आरोपी प्रदीप शुक्ला ने सह-आरोपी मनीष जांगिड़ (Manish Jangid) को पीड़ित के घर की रेकी और फायरिंग के लिए बोला था। उसे भिंड के गोरमी और गोवा से ऑनलाइन रकम ट्रांसफर हुई थी। आरोपी प्रदीप शुक्ला हैरी बॉक्सर गैंग (Harry Boxer Gang) का प्रमुख सदस्य है। जिसके खिलाफ पहले से फिरौती, रंगदारी और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराधों के कुल 09 प्रकरण दर्ज हैं। फरारी के दौरान वह राजस्थान, पंजाब और उत्तरप्रदेश में लगातार स्थान बदलकर रह रहा था। एसटीएफ (STF) और एसआईटी की विशेष टीम ने उसे 08 अप्रैल को दबोचा गया है।

यह है वह चर्चित मामले जिनके लिए एसआईटी बनाई

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फोन पर धमकाने का सांकेतिक चित्र

लॉरेंस विश्नोई गिरोह के लिए जांच कर रही एसआईटी (SIT) के पास आधा दर्जन मामले हैं। जिसमें इंदौर (Indore) देहात के किशनगंज (Kishanganj) थाने में दर्ज प्रकरण 112/26, इंदौर शहर के तुकोगंज (Tukoganj) थाने में दर्ज प्रकरण 155/26, खरगौन जिले के कसरावद थाने में दर्ज 94/26, भोपाल के कोलार रोड थाने में दर्ज प्रकरण 183/26, इंदौर क्राइम ब्रांच (Indore Crime Branch) थाने में दर्ज प्रकरण 22/26 की केस डायरी सभी पुलिस कमिश्रर, पुलिस अधीक्षकों को तत्काल एसआईटी को सौंपने के आदेश दे दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि यह सारे प्रकरण अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई गिरोह से जुड़े हैं। जिनमें हेरी बाक्सर बनकर कारोबारियों से करोड़ों रुपए की फिरौती मांगी गई है। इन्हीं प्रकरण में शामिल रियल स्टेट कारोबारी और स्वर्ण आभूषण कारोबारी गौरव जैन (Gaurav Jain) ने पुलिस की सुरक्षा वापस देकर मुंबई में जाकर बसने का निर्णय लिया है। गौरव जैन को इसी महीने लॉरेंस विश्रोई गैंग से दस करोड़ रुपए की फिरौती मांगी थी। यह प्रकरण कोलार रोड थाने में दर्ज हैं।

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