MP Cop Gossip: सीआईडी शाखा में हलचल मची

Share

MP Cop Gossip: तबादला कराने की होड़ मची, होटल में जांच के बाद थाने की पोल खुली, सिपहसलार के चक्कर काट रहे तीन थाना प्रभारी

MP Cop Gossip
सांकेतिक ग्राफिक डिजाइन टीसीआई

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस विभाग ​बहुत बड़ा है। उसके भीतर ही भीतर बहुत कुछ चल रहा होता है। ऐसे ही बातों का साप्ताहिक कॉलम एमपी कॉप गॉसिप (MP Cop Gossip) में उन्हीं कुछ चुटीली बातों के किस्से जानिए। हमारा मकसद किसी व्यवस्था को कम—ज्यादा आंकना नहीं है। बस यह अहसास कराना है कि बातें छुपती नहीं है।

जाते—जाते बदनामी मिली

शहर के एक साहब ने बड़े अनमने भाव से पिछले दिनों विदाई ली है। उन्हें गुलदस्ता देने वालों में हर कोई अपना नाम जुड़वाने पहुंचा था। लेकिन, तीन ऐसे प्रभारी थे जो उनके सामने जाना चाहते थे पर हालातों के चलते खड़े नहीं हो पा रहे थे। इन तीनों महानुभव ने अपने लिए कुर्सी का इंतजाम कराने जीएसटी के साथ न्यौछावर किया था। उन्हें कुर्सी मिलती उससे पहले साहब की ही विदाई हो गई। अब जिस पर न्यौछावर किया था वह भी किनारे हो गया। वो दिन है और आज का दिन तीनों अभी भी चक्कर ही काट रहे हैं।

हाड़ सुखाने से अच्छा है दूसरी जगह चलो

मुख्यालय की महत्वपूर्ण शाखा सीआईडी में इन दिनों भगदड़ मची हुई है। दरअसल, वहां तैनात ऐसे कर्मचारी जिन्होंने किनारे रहकर आराम करने का मन बनाया था वह सपना टूट गया है। क्योंकि नए साहब ने हर छोटे—बड़े कर्मचारी को जांच थमा दी है। वह जांच जो थानों से भी कहीं ज्यादा कठिन है। इसलिए हर कोई अपनी वहां से विदाई लेने के लिए दरबार में जाकर अपनी अर्जी लगा रहा है।

मुंह छिपाते घुम रहे निरीक्षक

MP Cop Gossip
सांकेतिक ग्राफिक डिजाइन टीसीआई

पिछले दिनों एक ज्यादती का मामला थाने में पहुंचा। क्योंकि जहां वारदात हुई थी वहां के मालिक से थाना प्रभारी (MP Cop Gossip) का बहुत ज्यादा याराना था। लेकिन, मामला महिला का था इसलिए चुप रहना भी उनकी सेहत बिगाड़ सकता था। इसलिए प्रभारी महोदय ने जीरो पर प्रकरण दर्ज करके केस डायरी दूसरे थाने भेज दी। वहां के प्रभारी महोदय ने प्रकरण दर्ज किया। इसके बाद उस होटल पहुंचे जहां वारदात हुई थी। वहां रजिस्टर में जाकर चेक किया तो वह हैरान रह गए। होटल एक रिहायशी कॉलोनी में खुला था। उसमें सिर्फ 11 कमरे थे। लेकिन, एक दिन भी ऐसा नहीं था कि वहां तीन दर्जन से ज्यादा अति​थि न पहुंचे हो। यह सारे अतिथियों का ब्यौरा रजिस्टर में दर्ज था। जिसमें अधिकांश युवक—युवती ही थे। इससे साफ है कि थाना प्रभारी ने क्यों जीरो पर प्रकरण दर्ज करके केस डायरी दूसरे थाने भेजी।

यह भी पढ़ें:   Bhopal News: बिल्डर ने थाने में दर्ज कराई यह बोलकर एफआईआर

चरित्र सत्यापन की कीमत दो सौ रुपए

शहर के एक थाने में जमकर लूट मची हुई है। यहां पतंग उड़ाने वालों के खिलाफ भी जमकर कार्रवाई हुई थी। पांच रुपए के मांझे की कीमत कई लोगों ने पांच सौ और एक हजार रुपए देकर चुकाई थी। इसी थाने में चरित्र सत्यापन का भी दाम फिक्स है। यहां दो सौ रुपए का भुगतान करना होता है। यह थाने के प्रवेश करने वाली खिड़की से नहीं बल्कि बाजू वाली खिड़की से भीतर बैठा शख्स खुलकर लेता है।

खबर के लिए ऐसे जुड़े

MP Cop Gossip
भरोसेमंद सटीक जानकारी देने वाली न्यूज वेबसाइट

हमारी कोशिश है कि शोध परक खबरों की संख्या बढ़ाई जाए। इसके लिए कई विषयों पर कार्य जारी है। हम आपसे अपील करते हैं कि हमारी मुहिम को आवाज देने के लिए आपका साथ जरुरी है। हमारे www.thecrimeinfo.com के फेसबुक पेज और यू ट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें। आप हमारे व्हाट्स एप्प न्यूज सेक्शन से जुड़ना चाहते हैं या फिर कोई घटना या समाचार की जानकारी देना चाहते हैं तो मोबाइल नंबर 7898656291 पर संपर्क कर सकते हैं।

Don`t copy text!