Bhopal Cyber Fraud: 72 घंटों के भीतर में एक दर्जन थानों में 52 प्रकरण दर्ज, डिजीटल अरेस्ट पर ढ़ाई महीने बाद पुलिस ने चुप्पी तोड़ी

भोपाल। राजधानी में तीन दिन से ताबड़तोड़ तरीके को अपनाकर सायबर फ्रॉड (Bhopal Cyber Fraud) से जुड़े मामले दर्ज किए जा रहे हैं। अब तक एक दर्जन थानों में पिछले 72 घंटों के भीतर में पुलिस ने 52 सायबर फ्रॉड की एफआईआर दर्ज कर ली है। अभी भी दर्जनों मामले अधिकारियों से अनुमति लेकर दर्ज होना बाकी है। दर्ज प्रकरणों में तीन करोड़ 10 लाख रुपए से ज्यादा की रकम जालसाजों ने ऐंठ ली है। इस प्रकरण में शामिल सनसनीखेज डिजीटल अरेस्ट का भी मामला ढ़ाई महीने बाद सामने आया है।
जालसाजों ने किया डिजीटल अरेस्ट
केंद्र सरकार की फटकार के बाद जागी मध्यप्रदेश सायबर क्राइम (Cyber Crime) पुलिस की टीम ने अब बागसेवनिया (Bagsewania) थाना पुलिस को प्रकरण दर्ज करने के लिए बोला। जिसमें 18 फरवरी की दोपहर लगभग दो बजे मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने बताया कि वारदात 01 दिसंबर, 2025 को अहमद नगर (Ahemad Nagar) कॉलोनी में हुई थी। यहां उर्मिला शुक्ला पति सतेंद्र शुक्ला को जालसाजों ने डिजीटल अरेस्ट (Digital Arrest) कर रखा था। उर्मिला शुक्ला ((Urmila Shukla)) और उनके परिवार को मनी लांड्रिंग में फंसने से बचने के नाम पर पैसा ऐंठा गया था। इसके अलावा ऐशबाग थाना पुलिस ने भी सायबर फ्रॉड (Cyber Fraud) के दो प्रकरण दर्ज किए हैं। जिसमें पीड़ित विनोद कुमार गुप्ता (Vinod Kumar Gupta) और हिमांशु निगम (Himanshu Nigam) हैं। जालसाजों ने दोनों व्यक्तियों को अलग-अलग तरह से झांसा देकर पांच लाख, 20 हजार रुपए ऐंठ लिए थे।
दस और बारह रूपए भेजकर जाल में फंसे
बागसेवनिया (Bagsewania) स्थित रजत विहार कॉलोनी (Rajat Vihar Colony) निवासी सुभाष चंद्र साहू (Subhash Chandra Sahu) के पास 10 जनवरी को बिजली विभाग की तरफ से कॉल आया। उन्हें बोला गया कि उनके बिल का आईवीआरएस नंबर बदलना है। जिसके लिए ऑनलाइन 12 रुपए का भुगतान करना होगा। उन्होंने भुगतान के लिए खोली लिंक पर क्लिक किया जिसके बाद उनके खाते से करीब चार लाख, 96 हजार रुपए निकल गए। इसी तरह शाहजहांनाबाद (Shahjahanabad) स्थित ईदगाह हिल्स के नजदीक नीलकंठ कॉलोनी (Neelkanth Colony) निवासी विजय जुमनानी (Vijay Jumnani) के खाते से करीब तीन लाख 85 हजार रुपए निकल गए। उन्होंने अपनी वृद्ध मां को डॉक्टर से दिखाने के लिए गुगल क्रोम में जाकर सर्च किया था। जिसके बाद जालसाज ने अपाइंटमेंट लेने के लिए दस रुपए जमा करने के लिए लिंक भेजी थी। इस लिंक को क्लिक करते ही खाते से 4 फरवरी को रकम निकल गई।
शातिर जालसाजों ने अपनाई नई तकनीक
पिछले 72 घंटों के दौरान दर्ज मामलों में एक लाख रुपए से लेकर साढ़े पांच लाख रुपए का फर्जीवाड़ा किया। बागसेवनिया के अजय कृष्ण पांडे (Ajay Krishna Pandey) के मोबाइल (Mobile) पर एपीके फाइल की लिंक भेजने के बाद फोन हैक करके पांच लाख, 56 हजार रुपए से ज्यादा की रकम ट्रांसफर कर ली गई। जिसकी जांच में पता चला है कि उक्त रकम को आरोपियों ने चार-चार हजार रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए। ताकि जांच एजेंसियां मनी ट्रेल पकड़ने के बावजूद मोटी रकम को तुरंत फ्रीज न कर दे। ऐसा ही विजय जुमनानी (Vijay Jumnani) के साथ किया गया। उनके खाते से करीब तीन लाख, 85 हजार रुपए निकले थे। जिसको 23 बार में निकाला गया और फिर छोटी मनी ट्रेल करके उसे बांटा गया।
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