MP Lokayukta Trap : लाशों से मिली रकम का है झगड़ा, जानिए क्या है पूरा मामला

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MP Lokayukta Trap :  जानिए डॉक्टर ने क्यों मांगी थी रिश्वत पढ़कर आप भी चौक जाएंगे

MP Lokayukta Trap
लोकायुक्त भोपाल पुलिस ने डॉक्टर मुरली लालवानी को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते दबोचा

भोपाल। बच्चों के बीच चॉकलेट को लेकर झगड़ने के किस्से आपने सुने होंगे। लेकिन, यहां सीनियर—जूनियर डॉक्टर (Bhopal GMC Doctor Trap) लाशों को लेकर आपस में झगड़ बैठे। यह झगड़ा इतना बड़ा कि जूनियर को सीनियर डॉक्टर ने फैल करने की धमकी दी। नतीजतन, विवाद पुलिस के पास पहुंचा और सीनियर डॉक्टर ट्रैप (MP Lokayukta Trap) हो गए। यह कार्रवाई मध्य प्रदेश में भोपाल लोकायुक्त पुलिस (Bhopal Lokayukta Trap) टीम ने की है।

कौन है जूनियर डॉक्टर

लोकायुक्त भोपाल पुलिस को शिकायत डॉक्टर यशपाल सिंह (Doctor Yashpal Singh) पिता प्रताप सिंह ने की थी। यशपाल मध्य प्रदेश के शिवपुरी (Shivpuri News) जिले के निवासी है। उन्होंने बताया कि पीड़ित वह नहीं बल्कि अन्य जूनियर डॉक्टर भी है। उनका साथ दो अन्य जूनियर डॉक्टर अशोक यादव (Doctor Ashok Yadav) और डॉक्टर संजय जैन (Doctor Sanjay Jain) ने भी दिया। इस शिकायत के बाद लोकायुक्त पुलिस ने मामले की तह में जाकर तहकीकात की। यह सभी डॉक्टर गांधी मेडिकल कॉलेज (Bhopal Gandhi Medical College Trap Case) में फोरेंसिक मेडिसिन विभाग में अध्ययनरत है।

कैसे फंसे सीनियर डॉक्टर

पीजी कर रहे छात्रों ने बताया कि उन्हें विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर मुरली लालवानी (Doctor Murli Lalwani) धमकाते हैं। धमकाने की वजह छात्रों ने बताई कि वह डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत (GMC Doctor Bribe Case) मांग रहे हैं। यह रकम नहीं देने पर वह छात्रों को फैल करने की धमकी रहे हैं। शिकायत सही मिलने पर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने 40 हजार रुपए लेते हुए हमीदिया अस्पताल में स्थित लालवानी के चेंबर में लोकायुक्त पुलिस ने उन्हें दबोच (Bhopal Lokayukta Cop Doctor Trap) लिया। लोकायुक्त पुलिस ने डॉक्टर मुरली लालवानी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की है।

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इसलिए मांग रहे थे रिश्वत

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डॉक्टर लालवानी के चैंबर में कार्रवाई करते हुए भोपाल लोकायुक्त पुलिस की टीम

हमीदिया अस्पताल परिसर में पोस्टमार्टम किया जाता है। प्रत्येक पोस्टमार्टम पर छात्रों को 400 रुपए का भुगतान किया जाता है। मेडिको लीगल के डायरेक्टर डॉक्टर अशोक शर्मा (Doctor Ashok Sharma) ने बताया कि एक दिन में कई बार 20 पोस्टमार्टम भी होते है। इसलिए सरकार से यह रकम छात्रों के खाते में सीधे पहुंचती है। लेकिन, डॉक्टर मुरली लालवानी (Doctor Murli Lalwani Trap) का दावा था कि यह रकम उनकी है। यह सारे छात्र उनके बदले में पीएम करने गए थे। लेकिन, इन छात्रों का दावा था कि पीएम उन्होंने किया है।

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