Bhopal Fraud News: चाय वाला लगाता रहा कई पुलिस अधिकारियों और थानों के चक्कर, ऐसे हैं राजधानी के हालात जहां सीपी, दो एडिशनल सीपी, चार जोन डीसीपी होने के बावजूद पीड़ितों की नहीं हो रही सुनवाई

भोपाल। पुलिस की असंवेदनशीलता के चलते तीन साल से एक परिवार चक्कर काट रहा है। यह बात जब कोर्ट के संज्ञान में आई तो थाना प्रभारी को ही तलब कर लिया। घटना भोपाल (Bhopal Fraud News) शहर के शाहजहांनाबाद थाना क्षेत्र की है। हद तो तब हो गई जब कोर्ट के ही आदेश पर एक साल तक पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। यह बात कोर्ट को पता चली तो पुलिस को एक सप्ताह के भीतर में एफआईआर के साथ कोर्ट में उपस्थित होने के आदेश हुए।
कोर्ट और अधिवक्ता की फीस जमा करने के नाम पर ऐंठी रकम
जानकारी के अनुसार लक्ष्मी यादव (Laxmi Yadav) ने इस संबंध में भोपाल कोर्ट में याचिका लगाई थी। परिवार शाहजहांनाबाद (Shahjahanabad) थाना क्षेत्र स्थित कुम्हारपुरा में रहता है। पति हरी प्रसाद यादव (Hari Prasad Yadav) चाय का ठेला लगाते हैं। उनकी दुकान में अक्सर आरोपी पप्पू रजक उर्फ शिव चरण रजक (Pappu Rajak@Shiv Charan Rajak) पिता गोवर्धन रजक उम्र 52 साल आता था। हरी प्रसाद यादव को वह विधि क्षेत्र में काम करने वाला व्यक्ति बताता था। यह सुनने के बाद हरी प्रसाद यादव ने बताया कि उसकी पत्नी लक्ष्मी यादव के नाम पर सहारा समूह (Sahara Group) में दस लाख रुपए की एफडी कराई थी। यह एफडी की रकम उसे निकालनी है। उसने मदद करने के नाम पर भोपाल कोर्ट (Bhopal Court) में याचिका लगाई। इसके बाद वह बोला कि प्रकरण को जबलपुर हाईकोर्ट ले जाना होगा। कोर्ट और अधिवक्ता की फीस जमा करने के नाम पर 2022 में उसने एक लाख, 33 हजार रुपए ऐंठ लिए। लेकिन, पैसा पीड़ित परिवार को नहीं मिला। इस मामले की शिकायत परिवार ने पहले हबीबगंज (Habibganj) थाना में जाकर की थी। वहां पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद परिवार ने कोर्ट की मदद मांगी। पूरे प्रकरण को संज्ञान में लेने के बाद 27 सितंबर, 2024 को शाहजहांनाबाद थाने को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। पुलिस ने आरोपी पप्पू रजक उर्फ शिवचरण रजक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इस कारण पीड़ित परिवार दोबारा पहुंचा तो न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी न्यायाधीश हेमलता अहिरवार ने थाना पुलिस को फटकार लगाते हुए एक सप्ताह के भीतर में प्रकरण दर्ज करने के आदेश दिए। ऐसा करने से पूर्व थाना प्रभारी को कोर्ट में बुलाया गया था। अदालत की फटकार के बाद शाहजहांनाबाद थाना पुलिस ने गुपचुप तरीके से इस मामले में प्रकरण दर्ज कर लिया है। हालांकि अभी तक वह आरोपी की गिरफ्तारी नहीं कर सकी है।
खबर के लिए ऐसे जुड़े

हमारी कोशिश है कि शोध परक खबरों की संख्या बढ़ाई जाए। इसके लिए कई विषयों पर कार्य जारी है। हम आपसे अपील करते हैं कि हमारी मुहिम को आवाज देने के लिए आपका साथ जरुरी है। हमारे www.thecrimeinfo.com के फेसबुक पेज और यू ट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें। आप हमारे व्हाट्स एप्प न्यूज सेक्शन से जुड़ना चाहते हैं या फिर कोई घटना या समाचार की जानकारी देना चाहते हैं तो मोबाइल नंबर 7898656291 पर संपर्क कर सकते हैं।