Bhopal Fraud News: थिंक बियोन्ड ट्रेडिंग शेयर फर्म में दिख रहे 23 लाख रुपए के प्रॉफिट पाने गवाई रकम

भोपाल। अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी (Azim Premji University) के एक प्रोफेसर के साथ तीन लाख, 95 हजार रुपए से ज्यादा की रकम ऐंठ ली गई। वे फेसबुक में आई थिंक बियोन्ड ट्रेडिंग कंपनी से दो महीना पूर्व जुड़े थे। इस मामले की जांच भोपाल (Bhopal Fraud News) देहात क्षेत्र की बिलखिरिया थाना पुलिस कर रही है। शुरुआत में उन्हें डेढ़—डेढ़ हजार रुपए का फायदा मिला था। यह रकम उन्होंने निकाल ली। इसके बाद जब मोटी रकम डाली तो फर्म ने 23 लाख रुपए का लाभांश दिखाया। इसी रकम को निकालने के चक्कर में उनके साथ फर्जीवाड़ा किया गया।
मुनाफे के लालच में आकर गंवाई रकम
बिलखिरिया (Bilkhiria) थाना पुलिस के अनुसार दीपक कुमार (Deepalk Kumar) पिता सुरेश कुमार उम्र 36 साल बिलखिरिया स्थित अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी में पढ़ाने का काम करते हैं। वे मूलत: झारखंड (Jharkhand) के बोकारो जिले के रहने वाले हैं। वे 14 नवंबर, 2025 को फेसबुक चला रहे थे। उस वक्त उन्हें शेयर मार्केट (Share Market) में जल्द मुनाफा मिलने का लालच देते हुए एक लिंक आई। जिसके बाद उनसे मुकुल कछार (Mukul Kachar) और श्वेता सिंह (Shweta Singh) नाम के व्यक्तियों ने संपर्क किया। आरोपियों ने फर्म का नाम थिंक बियोन्ड (Think Beyond Trading Company) नाम बताया। यह भी दावा किया गया कि फर्म सेबी की गाइड लाइन के तहत पंजीकृत हैं। दीपक कुमार से गुगल में जाकर एक आन लाइन फॉर्म भराया गया। जिसके लिए आधार कार्ड और पैन कार्ड उनसे लिया गया। यह देने के बाद आरोपियों ने यूएचएनडब्ल्यूआई खाता खोला। इसमें रकम डालने पर होने वाला मुनाफा दिखाई देता था। दीपक कुमार ने पहले दस हजार रुपए शेयर में लगाए। उन्हें अगले दिन एक हजार दो सौ रुपए का फायदा मिला। यह रकम उन्होंने एटीएम से निकाल भी लिए। इसके बाद उन्होंने 30 हजार रुपए निवेश किए तो उन्हें दो लाख 20 हजार रुपए का मुनाफा दिखाया गया। लालच में आकर उन्होंने दो लाख 20 हजार रुपए निवेश कर दिए। फर्म ने दस दिन के भीतर ही उनका लाभांश जालसाजों के खोले गए खाते में 23 लाख रुपए दिखाने लगा। दीपक कुमार ने रकम निकालनी चाही तो फर्म की तरफ से कहा गया कि उन्हें तीन लाख, 95 हजार 493 रुपए सेवा शुल्क जमा करना होगा। तभी वह रकम निकाल सकते हैं। उन्होंने खाते में ही जमा रकम से उसे काटने बोला तो जालसाजों ने इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह उनका निजी खाता है। जिसका संचालन वे ही कर सकते हैं। इसलिए रकम निकालने के लिए उन्होंने जालसाजों की बताई रकम डाल दी। इसके बावजूद भी जब पैसा नहीं निकला तो उन्हें यकीन हो गया कि वे जालसाज के शिकार बन गए। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की सायबर हेल्प लाइन (Cyber Help Line) से मदद मांगी। जिसके बाद पुलिस ने एक लाख 59 हजार रुपए की रकम को फिलहाल ब्लॉक करा दिया है। बिलखिरिया थाना पुलिस ने इस मामले में 21 जनवरी को आरोपियों के खिलाफ जालसाजी का प्रकरण 31/26 दर्ज कर लिया है।
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