Bhopal News: तीन दिन रिमांड पर रहे आरोपियों को गुपचुप जेल पहुंचाया, बयान देने से बचते नजर आए थाना प्रभारी

भोपाल। ऑन लाइन सट्टे के एप रूद्र डायमंड का खुलासा करने के बाद भोपाल (Bhopal News) शहर की अयोध्या नगर थाना पुलिस ने उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया है। इस मामले से जुड़े सातों आरोपी तीन दिन की रिमांड पर चल रहे थे। जिन्हें अदालत में पेश करने के बाद जेल दाखिल कर दिया गया है। इस मामले में अब पुलिस के पास कोई जवाब नहीं हैं। पुलिस का कहना है कि खातों और लेन-देन के संबंध में पड़ताल की जा रही है।
पुलिस को मिली तीन दिन की रिमांड
आरोपियों के कब्जे से नोट गिनने की मशीन के अलावा दो कार, 40 मोबाइल, 80 सिम, 177 एटीएम कार्ड, पांच लैपटॉप के अलावा तीन लाख 54 हजार रुपए नकद मिले थे। अधिकांश आरोपी छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बलौदा (Baloda) बाजार जिले के रहने वाले हैं। आरोपियों के कब्जे से करीब डेढ़ करोड़ रूपए का लेन-देन से संबंधित रजिस्टर पुलिस के हाथ लगा है। मुख्य आरोपी अरुण वर्मा (Arun Verma) है। वह मिसरोद थाना क्षेत्र स्थित आरआरजी कैंपस (RRG Campus) में रहता है। यहां से रूद डायमंड वेबसाइट (Rud Diamond website) के जरिए एक्सिस लेकर यह गिरोह काम कर रहा था। मकान किस व्यक्ति का है इस सवाल का भी जवाब पुलिस तीन दिन चली जांच के बाद नहीं बता पा रही है। मुख्य आरोपी का साथ डिगेश्वर प्रसाद वर्मा (Digeshwar Prasad Verma) देता था। यह दोनों अयोध्या नगर (Ayodhya Nagar) थाना क्षेत्र स्थित मीनाल (Minal) के पास कार (Car) के भीतर भारत-पाकिस्तान के बीच एशिया कप (Asia Cup) के फायनल मुकाबले पर (Satta) सट्टा बुक करते हुए दबोचे गए थे। यह पुलिस ने बताया था, जबकि हकीकत यह है कि आरोपियों को पुलिस ने तीन दिन पहले ही दबोच लिया था। गिरफ्तारी की तारीख पुलिस की तरफ से छुपाई गई थी। इस मामले में गिरफ्तार पांच अन्य आरोपी गोपी मणिकपुरी (Gopi Manikpuri) , अंकित दास (Ankit Das) , तरुण वर्मा (Tarun Verma) और सुनील वर्मा (Sunil Verma) को भी जेल भेज दिया गया है। आरोपियों को पूछताछ के लिए पांच दिन की रिमांड अदालत से मांगी गई थी। लेकिन, तीन दिन की ही रिमांड पुलिस को मिली थी। तरुण वर्मा रायपुर (Raipur) शहर का रहने वाला है। जबकि दिव्यांशु पवार (Divyanshu Pawar) छिंदवाड़ा जिले का रहने वाला है। बाकी सारे आरोपी बलौदा बाजार जिले के रहने वाले हैं। एसीपी मनीष भारद्वाज (ACP Manish Bharadwaj) ने बताया कि आरोपियों के मोबाइल कॉल डिटेल के अलावा बैंक खातों के भारी-भरकम जांच करने में वक्त लगेगा। इसलिए अभी कोई नया तथ्य पुलिस को पता नहीं चल सका है।
खबर के लिए ऐसे जुड़े

हमारी कोशिश है कि शोध परक खबरों की संख्या बढ़ाई जाए। इसके लिए कई विषयों पर कार्य जारी है। हम आपसे अपील करते हैं कि हमारी मुहिम को आवाज देने के लिए आपका साथ जरुरी है। हमारे www.thecrimeinfo.com के फेसबुक पेज और यू ट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें। आप हमारे व्हाट्स एप्प न्यूज सेक्शन से जुड़ना चाहते हैं या फिर कोई घटना या समाचार की जानकारी देना चाहते हैं तो मोबाइल नंबर 7898656291 पर संपर्क कर सकते हैं।