CJI Ranjan Gogoi : यौन उत्पीड़न के आरोपों में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को क्लीनचिट

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जांच के लिए बनाई गई तीन सदस्यीय कमेटी ने आरोपों को किया खारिज

सीजेआई रंजन गोगोई

नई दिल्ली। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई (CJI Ranjan Gogoi) को क्लीन चिट मिल गई है। उन पर यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच कर रही तीन सदस्यीय कमेटी ने उन्हें क्लीन चिट दे दी है। बता दें कि चीफ जस्टिस (CJI Ranjan Gogoi) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की एक पूर्व कर्मचारी ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। मामले की जांच कर रही कमेटी ने कहा कि सीजेआई रंजन गोगोई  (CJI Ranjan Gogoi) पर जो आरोप लगाए गए है वे निराधार है। जस्टिस एसए बोबड़े की अध्यक्षता वाली तीन जजों की कमेटी ने यौन उत्पीड़न की शिकायत को खारिज कर दिया। समिति ने अपनी रिपोर्ट सीनियर जज को सौंप दी है। साथ ही रिपोर्ट की कॉपी सीजेआई रंजन गोगोई को भी भेजी गई है।

सेक्रेट्री जनरल ऑफ सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी पत्र में ये भी कहा गया कि इस समिति की रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। इंदिरा जयसिंह वर्सेज सुप्रीम कोर्ट (2003) के मामले में भी इन हाउस कमेटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया था।

बता दें कि आरोप लगाने वाली महिला ने इस कमेटी के गठन पर सवाल उठाया था। महिला ने जजों पर यौन उत्पीड़न अधिनियम के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। महिला का आरोप था कि समिति ने उससे बार-बार पूछा कि उसने यौन उत्पीड़न की शिकायत करने में देरी क्यों की।

यह बोले थे सीजेआई

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया पर आरोपों का खुलासा 19 अप्रैल को हुआ था। जिसके बाद सीजेआई ने कहा था कि ‘क्या 20 सालों की सेवा का यहीं ईनाम है ?  मेरे खाते में महज 6 लाख 80 हजार रुपए है। कोई भी चैक कर सकता है। कोई मुझे पैसों के मामले में नहीं पकड़ सकता हैं, लोग कुछ ढूंढ़ना चाहते है और उन्हें ये मिला। कि इसके पीछे कोई बड़ी ताकत होगी, वे सीजेआई के दफ्तर को बेअसर करना चाहते है’

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जस्टिस गोगोई ने इस मामले में ये भी कहा कि ”मैने आज कोर्ट में बैठने का ये असामान्य और असाधारण कदम उठाया क्यों कि चीजें हाथ से निकल गई हैं। न्यायपालिका को बलि का बकरा नहीं बनाया जा सकता हैं। मैं इस कुर्सी पर बैठकर बिना किसी डर के अपने न्यायिक कार्यों का निर्वहन करूंगा”

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