Bhopal Fraud News: फर्जी नाम और पते पर किराए से ली कार करणी सेना प्रदेश संयोजक को पांच लाख रुपए में बेची

भोपाल। किराए पर ली थार को करणी सेना प्रदेश संयोजक को पांच लाख रुपए में बेचकर दो शातिर जालसाज दिल्ली भाग गए। इसके लिए दोनों जालसाजों ने सुनियोजित तरीके से तीसरे व्यक्ति के पहचान पत्रों का इस्तेमाल किया। मामले की जांच भोपाल (Bhopal Fraud News) शहर की एमपी नगर थाना पुलिस कर रही है। जिसमें आरोपियों का पता लगाने के लिए मोबाइल कॉल रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है।
पांच लाख रूपए में तय हुआ था सौदा
एमपी नगर (MP Nagar) थाना पुलिस के अनुसार यह मामला 27 मई को पुलिस के पास तब पहुंचा जब डीबी मॉल (DB Mall) की पार्किंग से थार (Thar) को उसका वास्तविक मालिक उठा ले गया। जिसकी शिकायत करने थाने में डॉक्टर विवेक सिंह परिहार पिता चंद्रपाल सिंह परिहार उम्र 42 साल पहुंचे। वे पिपलानी (Piplani) थाना क्षेत्र स्थित खजूरी कला के शिवलोक (Shivlok) फेज—4 में रहते हैं। वे एमपी पैराऑलम्पिक कमेटी (MP Paralympic Committee) के प्रदेश अध्यक्ष होने के अलावा करणी सेना (Karani Sena) में प्रदेश संयोजक भी है। उन्होंने अपने परिचित के जरिए सेकंड हेंड कार खरीदने का प्रस्ताव दिया था। जिसके बाद उन्होंने सुमित शर्मा(Sumit Sharma) का नंबर दिया। उन्होंने उससे संपर्क किया तो रिषभ दुबे (Rishabh Dubey) से मुलाकात कराई। उसके पास थार कार थी जिसको खरीदने का सौंदा पांच लाख रुपए में तय हुआ। डॉक्टर विवेक सिंह परिहार (Dr Vivek Singh Parihar) ने 12 मई को राशि का भुगतान कर दिया।
पहचानने से किया इंकार
मामले की जांच एसआई कुलदीप खरे (SI Kuldeep Khare) कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभी जालसाजी, गबन और साजिश का प्रकरण 213/26 31 मई को दर्ज किया है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि रिषभ दुबे बनकर डॉक्टर विवेक सिंह परिहार के पास पहुंचा आरोपी का असली नाम दूसरा है। जबकि असली रिषभ दुबे रतलाम (Ratlam) जिले के रहने वाले हैं और भारतीय जनता युवा मोर्चा (Bharatiya Janata Yuva Morcha) में जिला मंत्री भी है। उनके पास किराए से जिसने थार ली उसने जो दस्तावेज दिए थे उसमें टीटी नगर स्थित पंचशील नगर का पता निकला। वहां कोई अन्य व्यक्ति रहता है। वहीं रिषभ दुबे से आमना—सामना होने पर परिहार ने बताया कि यह वह व्यक्ति नहीं है। इधर, रिषभ दुबे ने बताया कि उसकी थार किराए पर उसने रिषी मालवीय (Rishi Malviya) नाम के एक लड़के को दी थी। उमध्यस्थता करने वाला सुमित शर्मा का करोंद का पता मिला है। उसकी लोकेशन फिलहाल दिल्ली (Delhi) में पाई जा रही है।
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