MP Drug Racket: अफ्रीका भेजी जा रही ड्रग की खेप पकड़ाई

Share

MP Drug Racket: टेंट कारोबारी की मदद से ड्रग फार्मा कारोबारी भेज रहा था विदेश

MP Drug Racket
The Display

इंदौर। मध्य प्रदेश (MP Drug Racket) में इंदौर जिले की पुलिस को अवैध ड्रग की एक बड़ी खेप पकड़ने में कामयाबी मिली है। इस रैकेट का खुलासा मंगलवार 5 जनवरी को किया गया है। इसमें टेंट कारोबारी की मदद लेकर एक ड्रग फार्मा कारोबारी 70 किलो वजनी ड्रग को अफ्रीका पहुंचाना चाह रहा था। बरामद ड्रग की कीमत पुलिस ने 70 करोड़ रुपए होना बताया है। यह ड्रग लैब में तैयार किया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में फिलहाल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

हैदराबाद से इंदौर पहुंच गई थी

इंदौर पुलिस ने रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपी बालाजी हाईट महालक्ष्मी नगर इंदौर निवासी दिनेश अग्रवाल (Dinesh Agrawal) पिता नारायण लाल जी अग्रवाल, हेरोइजन सिटी लसूडिया निवासी अक्षय अग्रवाल उर्फ चीकू पिता दिनेश अग्रवाल उम्र 30 साल, प्रेम कॉलोनी मंदसौर (Mandsour) निवासी चिमन अग्रवाल पिता मदन लाल अग्रवाल उम्र 38 साल, जलवायु विहार हैदराबाद तेलंगाना (Telanagan) निवासी वेद प्रकाश पिता बिहारी लाल व्यास उम्र 50 साल और रंगारेइडी जिला हैदराबाद निवासी मांगी वेंकटेश पिता ममांगी आइलहिया उम्र 39 साल है। आरोपी हैदरबाद (Hyderabad Drug Chain) से प्रति​बंधित ड्रग एमडीएमए लेकर इंदौर (Indore) पहुंचे थे।

यह भी पढ़ें: कोरोना के बाद लॉक डाउन का भोपाल के इस व्यक्ति पर पड़ा असर, लेकिन फायदा कोई दूसरा ले गया

यह माल हुआ जब्त

MP Drug Racket
आरोपियों के कब्जे से बरामद ड्रग

पुलिस ने खुलासा किया है दिनेश अग्रवाल टेंट कारोबारी है। उसका बेटा अक्षय (Akshay Agrawal) और भतीजा चिमन ने यह ड्रग हैदराबाद बुलाया था। यह ड्रग कार से ड्रायवर मांगी वेंकटेश (Maangi Vyanktesh) लेकर आया था। यह ड्रग वेद प्रकाश के जरिए मंगाई गई थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 70 किलो ड्रग (MDMA Drug Racket) के अलावा 13 लाख रुपए, दो कार, आठ मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। पुलिस इन मोबाइल कॉल डिटेल की मदद से रैकेट के दूसरे नेटवर्क को तलाश रही है। इस कार्रवाई के साथ इंदौर पुलिस ने यह भी दावा किया है कि यह देशभर में सबसे बड़ा ड्रग रैकेट है। इससे पहले मुंबई पुलिस ने 2018 में 20 किलो तो केरल पुलिस ने 10 किलो ही पकड़ा है।

यह भी पढ़ें:   Bhopal Road Mishap: सड़क हादसों में दो व्यक्तियों की मौत

दवा कारोबार से ड्रग डीलर

इस रैकेट का खुलासा करते हुए एडीजी इंदौर रेंज योगेश देशमुख (IPS Yogesh Deshmukh) ने बताया कि इंदौर क्राइम ब्रांच की मदद से इसमें सफलता मिली है। उन्होंने एएसपी गुरु प्रसाद पाराशर, एसआई और टीआई क्राइम ब्रांच लोेकेन्द्र सिंह हिहोर, एसआई राजेश डाबर, नरेन्द्र तिवारी, राजेश रघुवंशी, श्रद्धा यादव, एएसआई मिर्जा सलीम बेग, हवलदार भागवत कोली, लक्ष्मण वास्कले, सिपाही दीपक थापा, अनिल बिसेन, जगदीश दांगी, राकेश कायत और प्रकाश रघुवंशी के कार्य की सराहना भी की है। एडीजी ने बताया कि ड्रग वेद प्रकाश व्यास की लैब में बन रही थी। वह पहले 1984 में एमआर से कैरियर शुरु किया था। उसकी हैदराबाद में एरिस्टॉन फार्मा नोवाटेक (Ariston Pharma Nova Tech) नाम से कंपनी है। जिसका टर्न ओवर 60 करोड़ रुपए है।

यह भी पढ़ें: कोरोना के बाद लॉक डाउन का भोपाल के इस व्यक्ति पर पड़ा असर, लेकिन फायदा कोई दूसरा ले गया

खबर के लिए ऐसे जुड़े

हमारी कोशिश है कि शोध परक खबरों की संख्या बढ़ाई जाए। इसके लिए कई विषयों पर कार्य जारी है। हम आपसे अपील करते हैं कि हमारी मुहिम को आवाज देने के लिए आपका साथ जरुरी है। हमारे www.thecrimeinfo.com के फेसबुक पेज और यू ट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें। आप हमारे व्हाट्स एप्प न्यूज सेक्शन से जुड़ना चाहते हैं या फिर कोई घटना या समाचार की जानकारी देना चाहते हैं तो मोबाइल नंबर 9425005378 पर संपर्क कर सकते हैं।

Don`t copy text!