Bhopal News: ईव्ही मोपेड की बैटरी में हुआ था ब्लास्ट, जनप्रतिनिधियों के निजी आवास संघ में हुई घटना के बाद मचा हड़कंप

भोपाल। राजधानी में जनप्रतिनिधियों के बहुमंजिला निजी निवासों की कॉलोनी रचना टॉवर में 25 मई की दोपहर आग लगने से हड़कंप मच गया। आग बहुमंजिला भवन की पार्किग के लिए रिजर्व स्थान पर लगी थी। जिसका धुंआ दो किलोमीटर दूर से भी दिखाई दे रहा था। भोपाल (Bhopal News) शहर की गोविंदपुरा थाना पुलिस को शुरुआती जांच में पता चला है कि आग ईव्ही मोपेड की बैटरी ब्लास्ट होने के कारण लगी थी। जिसके नजदीक खड़ी कार चपेट में आई और वह देखते ही देखते राख में बदल गई।
चिंगारी की चपेट में आई कार
जानकारी के अनुसार ईव्ही और कार के मालिक श्रेयांश कुमार जैन (Shreyansh Kumar Jain) हैं। वे टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) में अधिकारी हैं। उनका निवास सीनियर एमआईजी में हैं। उनकी ईव्ही (EV) में ब्लास्ट और चिंगारी निकलने के बाद चपेट में कार (Car) आ गई। देखते ही देखते कार और ईव्ही राख में बदल गई। आग को बुझाने के लिए बहुमंजिला भवन में रहने वाले नागरिकों ने भी प्रयास किया था। हालांकि तेज लपटों और मौसम के तापमान ने इस काम में बाधा पहुंचाई। कुछ देर बाद फायर ब्रिगेड की दमकले पहुंची और उसने आग को नियंत्रित किया। लेकिन, तब तक दोनों वाहनों के सिर्फ लोहे का अस्थि पंजर ही बचा दिख रहा था।
आगजनी के बाद लोगों में काफी आक्रोश
रचना टॉवर (Rachna Tower) को मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय की निगरानी में राज्य सहकारी आवास संघ मर्यादित (State Cooperative Housing Federation Ltd.) की तरफ से निर्माण किया गया है। यह कॉलोनी बने लगभग पांच साल बीत चुका हैं। आवास संघ ने सोसायटी के चुनाव कराने के बाद रचना टॉवर कमेटी को सौंप दिया है। अभी सोसायटी के अध्यक्ष राजेंद्र मेश्राम (Rajendra Meshram) हैं। जबकि सचिव एएस यादव (A.S Yadav) हैं। लेकिन, टॉवर की लिफ्ट और वहां लगे फायर एक्सटिंग्विशर की जिम्मेदारी अभी भी राज्य सहकारी आवास संघ के पास ही है। लोगों ने आरोप लगाते हुए बताया कि यदि फायर सिस्टम लोगों को दिए होते तो यह हानि सीमित हो सकती थी। क्योंकि अधिकांश लोगों को वहां लगे फायर सिस्टम को ऑपरेट करने की जानकारी भी नहीं थी। कभी इस तरह का डेमो भी नहीं दिया गया। रहवासियों ने आरोप लगाया कि लिफ्ट के रखरखाव की जिम्मेदारी भी राज्य सहकारी आवास संघ के पास हैं। जबकि यह दोनों रहवासियों की आवश्यकताओं से जुड़े विषय हैं।
घटनाओं से नहीं ले रहे सबक
रचना टॉवर में हुई आगजनी के बाद यहां पूर्व के कई मामले (Bhopal News) सामने आने लगे। इसी टॉवर में सागर (Sagar) जिले के पूर्व विधायक संतोष साहू (Santosh Sahu) का फ्लैट है। जिसको उन्होंने छत्तीसगढ़ की एक शराब कंपनी को किराए पर दिया था। उसी कंपनी के कर्मचारियों पर हमला करके लाखों रुपए की लूटपाट हुई थी। उस वक्त किराएदारों के सत्यापन नहीं होने की बात उजागर हुई थी। इसके अलावा रचना टॉवर में किसी तरह के सुरक्षाकर्मी भी नहीं थे। दरअसल, उस वक्त चुनाव भी सोयासटी के नहीं कराए थे। अब चुनाव के बाद सिंगरौली जिले के देउसर विधानसभा से भाजपा विधायक राजेंद्र मेश्राम (BJP MLA Rajendra Meshram) अध्यक्ष हैं। वहीं रिटायर्ड प्रोफेसर एएस यादव सचिव हैं। दोनों मौजूदा पदाधिकारियों से लिफ्ट, फायर एक्सटिंग्विशर के शुरु नहीं होने और फायर अलार्म बंद होने को लेकर सरकार से किए गए पत्राचार को लेकर प्रतिक्रिया लेने संपर्क किया गया। हालांकि वे बातचीत के लिए फोन पर उपलब्ध नहीं हो सके। दोनों पदाधिकारी राजधानी में नहीं थे। इस कॉलोनी की देखरेख और निगरानी करने वाली नोडल एजेंसी सहकारिता विभाग हैं। जिसके मंत्री विश्वास सारंग (Mantri Vishwas Sarang) हैं और टॉवर भी उनके ही विधानसभा क्षेत्र में आता है।
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